‘डैडीज डाटर’ का प्रीमियर लांच

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‘डैडीज डाटर’ फिल्म का प्लस प्वाइंट पाजिटिव थिंकिंग की दिशा देना

लखनऊ, 22 फरवरी। जवान होती लड़कियां किस तरह एक अलग किस्म के हनीट्रैप में उलझकर मानसिक और यौनषोषण का शिकार बनायी जा सकती हैं, इसे बहुत ही रोचक तरह से ‘डैडीज डाटर’ फिल्म की कहानी में दर्शाया गया है आज यहां पीवीआर सिनेमा सहारागंज और फीनिक्स माल में रिलीज होने हुई फिल्म ‘डैडीज डाटर’ को देखने लोग उमड़ पड़े। बाप-बेटी के स्नेहमय रिश्तो पर आधारित फायर थाॅट क्रिएशन्स की इस फिल्म के सहारागंज में हुए स्पेशल प्रीमियर मे लोग सहदर्शक बने फिल्म के लखनऊ के कलाकारों को लेकर दर्शकों के साथ ही आम लोगों में भी उत्साह दिखा।

इंटरनेट युग में जवानी की ओर कदम रखते ही बेलगाम होती नई पीढ़ी की मानसिकता का खांका खींचने के साथ ही पिता और पुत्री के पवित्र रिष्तों की नई बुनियाद रखती लेखक-निर्देशक अभिमन्यु चौहान की इस फिल्म की कहानी में पूजा (फरहीन) नवीं क्लास की एक स्कूली छात्रा है। उसे स्कूल जाते समय कुछ लड़के छेड़ते हैं। यह बात पूजा अपनी तेजतर्रार सहेली को बताती है। सहेली उसे हिम्मत बंधाती है और छेड़ने वाले लड़कों को साथ जाकर डांटती और खूब खरी खोटी सुनाती है। पूजा अपनी सहेली से पूछती है कि आखिर इतनी हिम्मत उसे देता कौन है।

सहेली बताती है कि उसके पिता उसे सब कुछ सिखाते हैं। मगर पूजा हिम्मत नहीं जुटा पाती, वह स्कूल का रस्ता जरूर बदल लेती है। उसे नकली प्रेमजाल में फंसाने वाले लड़के यह चैलेंज अपने दूसरे साथी को दे देते हैं, पूजा इस नय लड़के की मीठी बातों में आ जाते हैं। आगे जाकर पता चलता है कि पूजा को नकली प्रेमजाल में उलझाने की साजिष में कुछ उम्रदराज लोग भी शरीक हैं। यहां से फिल्म एक दिलचस्प मोड़ ले लेती है और फिल्म का अंत दर्शकों को बेहद रोमांचित करता है।

फिल्म का प्लस प्वाइंट पाजिटिव थिंकिंग की दिशा देना:

प्रदेश और ख़ासकर लखनऊ में शूट हुई दीपा वर्मा-सोनिका सिंह निर्मित इस फिल्म का प्लस प्वाइंट पाजिटिव थिंकिंग की दिशा देना और फिल्म की विद्यानाथ भारती की बेहतरीन सिनमैटोग्राफी है, जहां लखनऊ के नये-पुराने स्थल बहुत खूबसूरत नजर आए हैं। सुरेश वाडेकर जैसे क्लासिक गायकों के गाए गीत- नन्हीं परी मेरी…. सहितं कुल पांच गाने हैं। भूमिका यादव व हार्दिक कृष्णवंषी की आवाज में डिस्को सांग- दम मारो दम……. है तो रोमांटिक सांग- ये क्या होने लगा है… भूमिका की आवाज़ में है। प्रतीक्षा कामथ और हार्दिक ने हिपहाप सांग- छिछोरे…… कर्णप्रिय है।

अच्छे बिजनेस की उम्मीद:

एक सैड सांग सुजाता अग्रवाल ने गाया है। संगीत आगरा घराने के उभरते युवा संगीतकार हार्दिक यादव का है। दो अंतराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों मे शामिल रही इस फिल्म ने बेस्ट फिल्म सहित तीन अवार्ड भी जीते हैं। फिल्म में बाॅलीवुड में पहचान रखने वाले सितारों में मिथिलेश चतुर्वेदी, राज सिंहं हैं तो लखनऊ के कलाकारों में राजीव वर्मा, अमित सिन्हा, विक्रम सिंह, रजनीकांत सोनकर, गरिमा रस्तोगी, रवि शर्मा, शुभम सक्सेना, नमन, रोशनी खान व आर्यवीर सिंह सहित बहुत से कलाकार हैं। फिल्म के अन्य पक्षों को राजवीर रतन, देवेन्द्र गुरुंग देबू, ज्योति किरन, अनुज आदि सम्भाला है। फिल्म वज़नदार है और दर्शकों की सोच पर पकड़ बनाकर क्लाइमेक्स की तरफ बढ़ती है। लखनऊ के युवा फिल्मकारों की इस फिल्म से अच्छे बिजनेस की उम्मीद है।