विपक्ष से नहीं, कैमरे से डर लगता है साहब!

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अटल सरकार में तहलका से मोदी सरकार में छोटे-छोटे तहलकों तक


नवेद शिकोह
लखनऊ,17 सितम्बर 2019: बच्चों को धार्मिक शिक्षा देने के लिए एक मौलवी साहब अपने घर मे छोटा सा मदरसा चलाते थे। जगह कम थी इसलिए बहुत चुनिंदा बच्चों को ही इस मिनी मदरसे मे दाखिला मिलता था। बच्चों का बहुत टफ इंटरव्यू होता था। मुझे याद है पैतीस बरस पहले मैं इस इंटरव्यू मे फेल हो गया था। मुझसे पूछा गया था- क्या पैखाने (टॉयलेट) मे ख़ुदा है ! मैंने जवाब दिया- नहीं। और मैं फेल हो गया।
यानी मैं ये नहीं समझता था कि पाप कहीं भी करो, जितना भी छिप कर करो खुदा देख लेगा। इसलिए कोई ऐसी जगह नहीं जहां खुदा ना हो।
मदरसे के दाखिले के लिए इंटरव्यू मे फेल होकर 35 साल पहले उक्त सत्य का ज्ञान हुआ था।
दो दशक पहले भाजपा की अटल सरकार मे तहलका वालों के स्टिंग ऑपरेशन मे छिपे हुए नायाब कैमरे को खुदा के रूप मे देखा गया। जो अदृश्य रूप से हर किसी के गुनाहों को देख रहा था।
दौर और ज़माने बदलते गये। दशकों के लम्बे वनवास के बाद भाजपा फिर सत्ता मे है। और आज के इस दौर में कण-कण में.. चप्पे-चप्पे पर और फिजाओं में घुल चुके सबकुछ देखने वाले खुदा रूपी कैमरों ने वर्तमान भाजपा सरकारों का जीना हराम कर दिया है। दो दशक पहले तहलका स्टिंग के कैमरे ने रक्षा सौदे के कथित घोटाले के इल्जाम ने भाजपा सरकार के चरित्र के सामने सवाल खड़ा कर दिया था। आज दो दशक बाद  चप्पे-चप्पे मे चौकीदारी कर रहे कैमरों से भाजपा सरकारों का जीना हराम हो गया हैं।
भाजपा की ताकतवर सरकार को ना विपक्ष से डर लग रहा है और ना मीडिया से। डर सिर्फ आम जनता के आम कैमरों से लग रहा है जो सरकार को बदनाम करने वाली सच्चाइयों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देता है।
मौजूदा वक्त मे आम इंसान के हाथ मे आम  हो चुका कैमरा ही सरकार के मुक़ाबिल सशक्त विपक्षी दल की भूमिका निभा रहा है। जब सरकार की असलियत बयां करने वाले वीडियो सोशल मीडिया के जरिए मंजर-ए-आम पर आ जाती हैं तो प्रोफेशनल मीडिया को भी ऐसी हकीकत को दिखाना ही पड़ता है।
उन्नाव रेप कांड के आरोपी कुलदीप सेंगर से लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता चिन्मयानंद  पर आरोपों के दानव का आकार भी भुक्तभोगी लड़कियों द्वारा जारी वीडियो से ही बड़ा हुआ। फौजी तेज बहादुर यादव ने  सैनिकों को ठीक भोजन ना मिलने की शिकायत वीडियो के जरिये आम जनमानस तक पंहुचायी थी। ये वीडियो सोशल मीडिया मे वायरल हुआ और फिर मीडिया को ये मामला प्रमुखता से दिखाना पड़ा।
इसी तरह आरएसएस से जुड़े भाजपा नेता प्रदीप जोशी के एक अश्लील वीडियो ने भाजपा की किरकिरी की। मॉब लिचिंग से लेकर  पुलिस की बर्बरता के वीडियो भी सोशल मीडिया मे वायरल होकर भाजपा सरकार के चाल-चरित्र और चेहरे को कटघरे मे खड़ा कर रहे हैं। कुल मिलाकर भारती जनता पार्टी की सरकार के सामने मजबूत विपक्षी दल के रूप मे कैमरा जनता पार्टी (यानी आम जनता का आम कैमरा) अपनी सशक्त भूमिका निभा रही है।

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