मुख्य विवरण और निवेश की संभावनाएं

ग्लोटिस लिमिटेड, जो चेन्नई स्थित एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स कंपनी है, अपने इक्विटी शेयरों का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 29 सितंबर 2025 को खोलने जा रही है। कंपनी समुद्री, हवाई और सड़क परिवहन सेवाओं के साथ-साथ वेयरहाउसिंग, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL) और कस्टम्स क्लियरेंस जैसी एकीकृत लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करती है। यह आईपीओ नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र (जैसे सौर, पवन और जल ऊर्जा) सहित इंजीनियरिंग, रसायन, घरेलू उपकरण और कृषि उद्योगों के ग्राहकों को लक्षित करता है। वित्तीय वर्ष 2024 में कंपनी ने लगभग 1,12,146 TEU (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) समुद्री आयात संभाले, जो पिछले वर्ष से 88.74% की वृद्धि दर्शाता है।
मूल्य बैंड और लॉट साइजमूल्य बैंड: ₹120 से ₹129 प्रति शेयर (फेस वैल्यू ₹2)।
न्यूनतम बोली: 114 शेयर (लगभग ₹13,680 से ₹14,706 का निवेश, मूल्य बैंड के आधार पर)।
गुणक: इसके बाद 114 शेयरों के गुणकों में बोली लगाई जा सकती है।
इश्यू का आकार
नया इश्यू: ₹160 करोड़ तक (कंपनी द्वारा ताजा पूंजी जुटाने के लिए)।
ऑफर फॉर सेल (OFS): 1,13,95,640 शेयर (लगभग ₹147 करोड़ के मूल्य पर, मूल्य बैंड के आधार पर), जिसमें प्रवर्तक रामकुमार सेंथिलवेल और कुट्टप्पन मणिकंदन द्वारा 56,97,820 शेयर शामिल।
कुल इश्यू साइज: लगभग ₹307 करोड़।
आरक्षण और आवंटन: यह आईपीओ SEBI के ICDR विनियमों के तहत बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया से होगा। आरक्षण का ब्रेकअप:कम से कम 30%: योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) के लिए, जिसमें 60% तक एंकर निवेशकों को आवंटित किया जा सकता है (एक-तिहाई से अधिक घरेलू म्यूचुअल फंड्स के लिए सुरक्षित)।
शेष हिस्सा: गैर-संस्थागत निवेशकों (रिटेल) और अन्य श्रेणियों के लिए, वैध बोलियों पर आधारित।
उपयोग का उद्देश्य: नया इश्यू का उपयोग: कार्यशील पूंजी, अज्ञात अधिग्रहणों के माध्यम से अकार्बनिक विकास, और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए।
OFS से प्राप्त धन विक्रय शेयरधारकों को जाएगा।
कंपनी ने किया अवलोकन
ग्लोटिस लिमिटेड की स्थापना 2004 में हुई थी और यह भारत में 8 ब्रांच ऑफिस (दिल्ली, गांधीधाम, कोलकाता, मुंबई, तुतीकोरिन, कोयंबटूर, बेंगलुरु और कोचीन) के माध्यम से संचालित होती है। वैश्विक स्तर पर, कंपनी के पास 125 देशों में 171 विदेशी एजेंट्स का नेटवर्क है, साथ ही सिंगापुर, UAE और वियतनाम में ग्रुप एंटिटी। वित्तीय वर्ष 2024 में राजस्व ₹526 करोड़ और शुद्ध लाभ ₹31.5 करोड़ रहा। कंपनी ने बिना किसी प्राइवेट इक्विटी या वेंचर कैपिटल फंडिंग के विकास किया है।







