Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, October 31
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»धर्म»Spirituality

    भगवान सबका ख्याल रखते हैं …

    ShagunBy ShagunOctober 5, 2024 Spirituality No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 6,790

    राजस्थान में भगवान श्री कृष्ण के एक दयालु भक्त थे, नाम था रमेश चंद्र। उनकी दवाइयों की दुकान थी। उनकी दुकान में भगवान श्री कृष्ण की एक छोटी सी तस्वीर एक कोने में लगी थी। वे जब दुकान खोलते, साफ सफाई के उपरांत हाथ धोकर नित्य भगवान की तस्वीर को बड़ी श्रद्धा से धूप इत्यादि दिखाते। उनका एक पुत्र भी था राकेश, जो अपनी पढ़ाई पूरी करके उनके ही साथ दुकान पर बैठा करता था। वह भी अपने पिता को ये सब करते हुए देखता,

    चूँकि वह नए ज़माने का पढ़ा लिखा नव युवक था, लिहाजा अपने पिता को समझाता, भगवान वगैरह कुछ नहीं होते, सब मन का वहम है।
    शास्त्र कहते हैं कि सूर्य अपने रथ पर ब्रह्मांड का चक्कर लगाता है जबकि विज्ञान ने सिद्ध कर दिया कि पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाती है, इस तरह से रोज विज्ञान के नए नए उदाहरण देता यह बताने के लिए कि ईश्वर नहीं हैं !!

    पिता उस को स्नेह भरी दृष्टि से देखते और मुस्कुरा कर रह जाते।
    वो इस विषय पर तर्क वितर्क नही करना चाहते थे। समय बीतता गया पिता बूढ़े हो गए थे। शायद वे जान गए थे कि अब उनका अंत समय निकट ही आ गया है…
    अतः एक दिन अपने बेटे से कहा, “बेटा तुम ईश्वर को मानो या मत मानो, मेरे लिए ये ही बहुत है कि तुम एक मेहनती, दयालु और सच्चे इंसान हो ”
    “क्या तुम मेरा एक कहना मानोगे?”
    बेटे ने कहा, “कहिये ना पिताजी, जरुर मानूँगा।”
    पिता ने कहा, “बेटा मेरे जाने के बाद एक तो तुम दुकान में रोज भगवान की इस तस्वीर को साफ करना और दूसरा यदि कभी किसी परेशानी में फँस जाओ तो हाथ जोड़कर श्रीकृष्ण से अपनी समस्या कह देना। बस मेरा इतना कहना मान लेना “।
    बेटे ने स्वीकृति दे दी।

    कुछ ही दिनों के बाद पिता का देहांत हो गया, समय गुजरता रहा…
    एक दिन बहुत तेज बारिश पड़ रही थी। राकेश दुकान में दिनभर बैठा रहा और ग्राहकी भी कम हुई। ऊपर से बिजली भी बहुत परेशान कर रही थी। तभी अचानक एक लड़का भीगता हुआ तेजी से आया और बोला, “भईया ये दवाई चाहिए।

    मेरी माँ बहुत बीमार है। डॉक्टर ने कहा ये दवा तुरंत ही चार चम्मच यदि पिला दी जाये तो ही माँ बच पायेगी, क्या ये दवाई आपके पास है?”

    राकेश ने पर्चा देखकर तुरंत कहा, “हाँ ये है।” लड़का बहुत खुश हुआ और कुछ ही समय के लेन देन के उपरांत दवा लेकर चला गया।

    परन्तु ये क्या ..लड़के के जाने के थोड़ी ही देर बाद राकेश ने जैसे ही काउंटर पर निगाह मारी तो…पसीने के मारे बुरा हाल था क्योंकि अभी थोड़ी देर पहले ही एक ग्राहक चूहे मारने की दवाई की शीशी वापस करके गया था राकेश ने शीशी काउंटर पर ही रखी रहने दी कि लाईट आने पर वापस सही जगह पर रख देगा।

    पर जो लड़का दवाई लेने आया था, वह अपनी शीशी की जगह चूहे मारने की दवाई ले गया और लड़का पढ़ा लिखा भी नहीं था!!!
    हे भगवान!” अनायास ही राकेश के मुँह से निकला, “ये तो अनर्थ हो गया!!” तभी उसे अपने पिता की बात याद आई और वह तुरंत हाथ जोड़कर भगवान कृष्ण की तस्वीर के आगे दुःखी मन से प्रार्थना करने लगा कि, हे प्रभु! पिताजी कहते थे कि आप है।आप सचमुच है तो आज ये अनहोनी होने से बचा लो। एक माँ को उसके बेटे द्वारा जहर मत पीने दो, प्रभु मत पीने दो!!!

    भईया!पीछे से आवाज आई.. कीचड़ की वजह से मैं फिसल गया, दवा की शीशी भी फूट गई! कृपया आप एक दूसरी शीशी दे दीजिये..।
    भगवान की मनमोहक मुस्कान से भरी तस्वीर को देखकर राकेश की आँखों से झर झर आँसू बह निकले !!!
    उसके भीतर एक विश्वास जाग गया था कि कोई है जो सृष्टि चला रहा है, जिसे कोई खुदा कहता है, तो कोई परमात्मा!
    प्रेम और भक्ति से भरे हृदय से की गई प्रार्थना कभी अनसुनी नहीं जाती।

    – सोनम गुप्ता

    Shagun

    Keep Reading

    गजब हो गया : दूसरों का भविष्य बताने वाले ज्योतिषाचार्य की पत्नी चुनाव हारीं, 300 वोट भी नहीं मिले!

    यूपी में श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर तय हुई दरें

    Two RPF Sub-Inspectors honoured for saving the lives of a mother and child on the platform.

    प्लेटफॉर्म पर मां-बच्ची की जान बचाने वाले दो RPF उपनिरीक्षक सम्मानित

    अकीदा बनाम अंधविश्वास: पक्के विश्वास और भटकती भीड़ की दास्तान

    जब एकादशी का पुण्य जुड़ता है पितरों के कल्याण से: 6 अक्टूबर को इन्दिरा एकादशी

    Pitru Paksha 2026: Shraddh rituals to begin on September 26; Sarvapitra Amavasya on October 10.

    पितृ पक्ष 2026: 26 सितंबर से शुरू होगी श्राद्ध परंपरा, 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts

    गजब हो गया : दूसरों का भविष्य बताने वाले ज्योतिषाचार्य की पत्नी चुनाव हारीं, 300 वोट भी नहीं मिले!

    October 29, 2026
    Anuradha Paudwal: Reached great heights, yet also endured the pain of profound loneliness.

    अनुराधा पौडवाल : बुलंदियों को भी छुआ और गहरे अकेलेपन का दर्द भी झेला

    October 28, 2026

    यूपी में श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर तय हुई दरें

    October 28, 2026
    Neeru Sharma Explores Parenting, Social Conditioning and Unspoken Wounds as the Trailer of Sonali Kulkarni’s ‘Like Maa’ Is Released

    माँ की परवरिश में छिपे बचपन के जख्मों की कहानी कहेगी ‘लाइक माँ’

    October 28, 2026
    U&i launches new gadgets: now listen to music and make calls for up to 50 hours—all through your glasses.

    U&i के नए गैजेट्स लॉन्च, अब चश्मे से सुनें म्यूजिक और 50 घंटे तक करें कॉलिंग

    October 28, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading