मेहसाना (गुजरात), 25 अक्तूबर: विसनगर की एक अदालत ने 2015 में पाटीदारों के आरक्षण आंदोलन के दौरान भाजपा के एक विधायक के कार्यालय में तोडफोड करने के एक मामले में लगातार दूसरी बार अपने समक्ष पेश ना होने पर आज आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी का गैरजमानती वारंट जारी कर दिया।
विसनगर सत्र अदालत के न्यायाधीश वी पी अग्रवाल ने पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पास) के संयोजक हार्दिक पटेल, सरदार पटेल ग्रुप (एसपीजी) के संयोजक लालजी पटेल और पांच अन्य के खिलाफ वारंट जारी किया।
हार्दिक पटेल और अन्य पर जुलाई, 2015 में विसनगर के विधायक ऋषिकेश पटेल के कार्यालय में तोडफोड करने का आरोप है।
इन लोगों को पूर्व में मामले में जमानत मिल गयी थी।
आरक्षण आंदोलन के नेता ने आज अपने वकील राजेंद्र पटेल के जरिये, व्यस्त कार्यक्रम का हवाला देते हुए व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की मांग से जुडी याचिका दायर की थी लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया।
जहां पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के संयोजक लगातार दूसरी बार अदालत में पेश नहीं हुए, लालजी पटेल और अन्य पहली बार अदालत में अनुपस्थित थे।







