अब हज़ के लिए आवेदन तिथि बढ़ी ,लास्ट डेट 22 दिसम्बर

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प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के लिए पोर्टल शुरू 

नई दिल्ली 15 दिसम्बर। केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के “मेहरम” (पुरूष साथी) के बिना हज़ पर जाने पर लगे प्रतिबंध को सरकार द्वारा हटाने के फैसले के बेहद सकारात्मक परिणाम निकले हैं क्योंकि देश भर की महिलाएं “मेहरम” के बिना हज़ पर जाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन कर रही हैं। नकवी ने आज यहां निजी टूर ऑपरेटरों के लिए एक पोर्टल की शुरूआत करते हुए कहा कि “मेहरम” के बिना मुस्लिम महिलाओं को हज़ पर जाने की इजाज़त देने के सरकार के फैसले का देश भर में स्वागत हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा महिलाओं को अधिकार सम्पन्न बनाने की दिशा में यह एक अन्य महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि हज़ 2018 के लिए आवेदन की प्रक्रिया 15 नवम्बर को शुरू हो चुकी है और “मेहरम” के बिना हज़ जाने के लिए अब तक (13 दिसम्बर) 1000 से अधिक महिलाएं आवेदन कर चुकी हैं। हज़ के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 दिसम्बर तक बढ़ा दी गई है। नई हज़ नीति के अनुसार 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं जो पुरूष साथी के बिना हज़ पर जाना चाहती हैं, उन्हें 4 या अधिक महिलाओं के समूह में हज़ यात्रा पर जाने की इजाज़त दे दी गई है। नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के लिए पहली बार पोर्टल शुरू किया है ताकि हज़ से जुड़ी सम्पूर्ण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो सके। यह पोर्टल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को आगे बढाने के लिए विकसित किया गया है।

इस पोर्टल से प्राइवेट टूर ऑपरेटरों और हज़ यात्रियों के अनेक मुद्दों का समाधान हो सकेगा। इस पोर्टल के जरिये प्राइवेट टूर ऑपरेटर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदनों की जांच अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का हज़ डिवीजन करेगा। इसके बाद ऑनलाइन ड्रा निकाला जाएगा और कोटा आवंटित किया जाएगा। इस पोर्टल का उद्देश्य देश भर के प्राइवेट टूर ऑपरेटरों द्वारा पेश की जाने वाली दरों, पैकेजों और सुविधाओं का विवरण दर्शाना है। अत: इससे हज़ यात्रियों के पास न केवल अपने क्षेत्र के बल्कि देश के किसी भी अन्य भाग से अपनी पसंद का ऑपरेटर चुनने का विकल्प होगा। पोर्टल और उसके विभिन्न भागों का सरलता से संचालन करने के लिए यह फैसला किया गया है कि इन ऑपरोटरों से हज़ 2018 के लिए ऑनलाइन और हाथ से आवेदन आमंत्रित किये जाएंगे।

नकवी ने कहा कि एक तरफ निजी टूर ऑपरेटरों के लिए समूची प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है जबकि दूसरी तरफ यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि निजी टूर ऑपरेटरों के जरिये जाने वाले हज़ यात्रियों के लिए सुविधाओं में किसी भी प्रकार की विसंगतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अल्पसंख्यक मामलो के मंत्रालय ने इस संबंध में कड़े उपाय किये हैं। नकवी ने कहा कि हज़ के लिए अब तक 2 लाख 63 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन दिये हैं, जिनमें से करीब 1 लाख 38 हजार आवेदन ऑनलाइन किये गए हैं। इससे समूची हज़ प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के फैसले को बल मिला है। इसके अलावा हज़ के लिए लोग मोबाइल एप से भी आवेदन कर रहे हैं। नकवी ने कहा कि हज़ समिति और प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के बीच कोटा का वितरण पिछले वर्ष की तरह रखा गया है। उन्होंने कहा कि हज़ 2018 के लिए नई हज़ नीति के अनुसार संचालित होगा। सऊदी अरब सरकार ने वर्ष 2017 में भारत का हज़ कोटा बढ़ाकर 1 लाख 70 हजार 25 कर दिया था।

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