महाराष्ट्र में 2000 करोड़ के निवेश का ऐलान
मुंबई: ‘नवाचार, आत्मनिर्भरता और समृद्धि’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड हिंदू इकोनॉमिक फोरम (WHEF) 2025 का शुभारंभ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, फोरम के संस्थापक स्वामी विज्ञानानंद, आयोजन अध्यक्ष राजेश शर्मा, श्री सीमेंट के चेयरमैन हरि मोहन बांगुर और जेएसडब्ल्यू ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल सहित कई प्रमुख उद्योगपति, नीति निर्माता और निवेशक मौजूद रहे।
हरि मोहन बांगुर ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में प्रतिभा, संसाधन और तकनीकी क्षमता भरपूर है नेतृत्व के लिए विदेश की ओर देखने की कोई जरूरत नहीं। उन्होंने भारतीय संस्कृति के नैतिक सिद्धांतों पर जोर देते हुए कहा कि ‘धर्म ही अर्थ का मार्गदर्शन करता है’ और लाभ के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व भी जुड़ा होना चाहिए।
बांगुर ने यह भी जोर दिया कि मैकाले वाली शिक्षा प्रणाली से बाहर आकर प्राचीन भारतीय मूल्यों में फिर से निवेश करना होगा। उन्होंने कहा कि हिंदू इकोनॉमिक फोरम की लंबे समय से आवश्यकता थी, जो अब अस्तित्व में आ चुका है और यह निश्चित रूप से सफल होगा चाहे इसमें एक साल लगे या दस साल।
इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र में 2000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए आशय पत्र (LoI) सौंपा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने फोरम को सहयोग और संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय आर्थिक व्यवस्था के मूल में हिंदू दर्शन है। इसे ठीक से समझने पर हम समृद्ध राष्ट्र बनेंगे, सामाजिक समरसता बढ़ेगी और वैश्विक स्तर पर प्रभावी योगदान देंगे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में राज्यों की भूमिका पर प्रकाश डाला।







