- भाजपा सरकार पर लगाया आरोप और कहा: कोरोना संकट से निपटने में विफल रही सरकार
- सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लगाया आरोप, प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा के लिए भाजपा सरकारें जिम्मेदार
लखनऊ, 15 मई 2020: कोरोना वायरस के संकट से निपटने में अदूरदर्शिता तथा अव्यवहारिक निर्णयों के चलते भाजपा सरकार पूर्णतया विफल साबित हुई है। सही ठोस और सकारात्मक कदम उठाने की जगह छिटपुट फौरी निर्णयों से वह जनता को सिर्फ गुमराह कर रही है। ये बातें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को कही।

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रवासी मजदूरों की दयनीय दशा पर सरकार सिर्फ घड़ियाली आंसू बहा रही है। लाचार मजदूरों की सरकार द्वारा लगातार अनदेखी की जा रही है। रेल पटरियों से लेकर राजमार्ग, खेत से लेकर खलिहान तक लहूलुहान हो रहे हैं। इंदौर बाईपास पर बारी-बारी एक युवक फिर महिला बैलगाड़ी में एक बैल की जगह खुद जुतकर परिवार को खींच रहा हैं यह दृश्य निहायत शर्मनाक और अमानवीय है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भरी दोपहरी में श्रमिक पलायन करने को लाचार है। आगरा में एक महिला अपने बच्चे के साथ सामान को घसीटते हुए ले जाने को मजबूर है। इस पूरी दुर्दशा के लिए भाजपा सरकारें जिम्मेदार हैं।

उन्होंने कहा कि अमीरों को हवाई जहाज भेजकर एयरलिफ्ट कराने वाली भाजपा सरकार जमीन पर गाड़ियों के नीचे कुचले जा रहे मजदूरों की मौत पर असंवेदनशील रवैया क्यों अपना रही है? कब तक ये अपनी गरीबी की कीमत मौत से चुकाते रहेंगे। ‘वंदेभारत मिशन‘ में क्या देश की गरीब जनता नहीं आ सकती है। इतना ऊपर उड़ना भी ठीक नहीं कि जमीन की सच्चाई ही न दिखाई पड़े।
अखिलेश यादव ने कहा कि लाॅकडाउन में पुलिस प्रबंधन की रोज-रोज तारीफ करने वाली भाजपा सरकार इस बात का क्या जवाब देगी कि मथुरा के दामोदरपुरा शाखा में ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में 31 लाख रूपए की दिनदहाड़े लूट हो गई जबकि आसपास पुलिस की 5 पिकेट लगी थी? बदमाश आसानी से फरार हो गए। राजधानी लखनऊ में भी चोरी, हत्या की घटनाएं हो रही है। भाजपा सरकार अपना खजाना भरने को जब शराब बिकवाएगी तो अपराध बढ़ेंगे ही। लाॅकडाउन की अविध में शराब बिक्री के बाद घरेलू हिंसा दुगनी हो गई है और सड़क हादसे तीन गुना बढ़े है।







