लखनऊ 06 दिसम्बर। मामला बंथरा थाने से जुड़ा है जहाँ पुलिस ने दो निर्दोष युवकों विजय थारु और रमेश (20 वर्ष) को उठा लाई जिसके बाद उनका थाने में उनको यातनाये दी इस मामले को ह्यूमन राईट मानिटरिंग कमेटी ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, डीजीपी,आईजी,डीआईजी, एसएसपी लखनऊ को पत्र, मेल,ट्वीट, ह्वाट्सएप से फर्जी मुकदमे से बचाने के लिए न सिर्फ सूचित किया बल्कि पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें बताया भी की लखनऊ के पीजीआई थाने की पुलिस घृणा के कारण बेगुनाह विजय और रमेश को फर्जी अपराध में फसाने के लिए अवैध गिरफ्तारी कर किसी गोपनीय जगह रख यातना दे रही है।
ह्यूमन राईट मानिटरिंग कमेटी ‘HRMC’ के पत्र के असर से बेगुनाह युवक छूटने के बाद कार्यालय में आकर अपनी आप बीती सुनाया और बताया कि पुलिस बहुत अमानवीय व्यवहार कर उन्हें प्रताड़ित किया।
HRMC मानव अधिकार आयोग को दोषी पुलिसकर्मियों के उपर कार्यवाही करने एवं पुलिस प्रताड़ना के शिकार युवक और उनके परिवार की सुरक्षा एवं पीड़ित को मुआवजा देने के लिए पत्र भेजा।





