Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, September 12
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Featured

    मैं तो आप को अपना नवरत्न बनाना चाहता हूं?

    By June 26, 2019 Featured No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 715
    तुलसीदास के समय में अकबर हुए। खैर आप जैसे चाहें इस बात को समझ लें। पर हुआ यह कि अकबर ने तुलसी दास को संदेश भिजवाया कि आ कर मिलें। संदेश एक से दो बार, तीन बार होते जब कई बार हो गया और तुलसी दास नहीं गए तो अकबर ने उन्हें कैद कर के बुलवाया। तुलसी दरबार में पेश किए गए। अकबर ने पूछा कि, ‘ इतनी बार आप को संदेश भेजा आप आए क्यों नहीं?’ तुलसी दास ने बताया कि, ‘मन नहीं हुआ आने को। इस लिए नहीं आया।’ अकबर ज़रा नाराज़ हुआ और बोला कि, ‘आप को क्यों बार-बार बुलाया आप को मालूम है?’ तुलसी दास ने कहा कि, ‘हां मालूम है।’ अकबर और रुष्ट हुआ और बोला, ‘आप को खाक मालूम है !’ उस ने जोड़ा कि, ‘मैं तो आप को अपना नवरत्न बनाना चाहता हूं, आप को मालूम है?’ तुलसी दास ने फिर उसी विनम्रता से जवाब दिया, ‘हां, मालूम है।’ अब अकबर संशय में पड़ गया। धीरे से बोला, ‘लोग यहां नवरत्न बनने के लिए क्या नहीं कर रहे, नाक तक रगड़ रहे हैं और आप हैं कि नवरत्न बनने के लिए इच्छुक ही नहीं दिख रहे? आखिर बात क्या है?’
    तुलसी दास ने अकबर से दो टूक कहा कि, ‘आप ही बताइए कि जिस ने नारायण की मनसबदारी कर ली हो, वह किसी नर की मनसबदारी कैसे कर सकता है भला?’
    हम चाकर रघुवीर के पढ़ो लिखौ दरबार
    अब तुलसी का होहिंगे, नर के मनसबदार।
    – तुलसीदास
    अकबर निरुत्तर हो गया। और तुलसी दास से कहा कि, ‘आप बिलकुल ठीक कह रहे हैं। अब आप जा सकते हैं।’ तुलसी दास चले गए। और यह नवरत्न बनाने का अकबर का यह प्रस्ताव उन्हों ने तब ठुकराया था जब वह अपने भरण-पोषण के लिए भिक्षा पर आश्रित थे। घर-घर घूम-घूम कर दाना-दाना भिक्षा मांगते थे फिर कहीं भोजन करते थे। शायद वह अगर अकबर के दरबारी बन गए होते तो रामचरित मानस जैसी अनमोल और अविरल रचना दुनिया को नहीं दे पाते। सो उन्हों ने दरबारी दासता स्वीकारने के बजाय रचना का आकाश चुना। आज की तारीख में तुलसी को गाली देने वाले, उन की प्रशंसा करने वाले बहुतेरे मिल जाएंगे पर तुलसी का यह साहस किसी एक में नहीं मिलेगा। शायद इसी लिए तुलसी से बड़ा रचनाकार अभी तक दुनिया में कोई एक दूसरा नहीं हुआ। खैर यह किस्सा जब खत्म हुआ तो मैं ने कहा कि गनीमत थी कि तुलसी दास अकबर के समय में हुए और यह इंकार उन्हों ने अकबर से किया पर खुदा न खास्ता जो कहीं तुलसी दास औरंगज़ेब के समय में वह हुए होते और यही इंकार औरंगज़ेब से किया होता , जो अकबर से किया, अकबर ने तो उन्हें जाने दिया, लेकिन औरंगज़ेब होता तो? वहां उपस्थित लोग एक सुर से बोले, ‘सर कलम कर देता तुलसी दास का!’
    सच यही है। एक निर्मम सच यह भी है और कि हमारा दुर्भाग्य भी कि हम सब लोग आज औरंगज़ेब के समय में ही जी रहे हैं। तो सर कलम होने से बचाना भी एक बेबसी है। बेकल उत्साही का एक शेर है :
    बेच दे जो तू अपनी जुबां, अपनी अना, अपना ज़मीर
    फिर तेरे हाथ में सोने के निवाले होंगे।
    सो सोने के निवाले हाथ में लिए लोगों की संख्या बेहिसाब बढ़ गई है, यह हम सभी हाथ बांधे, सांस खींचे देखने को अभिशप्त हैं। तो मित्रो, ऐसे निर्मम समय में ब्लाग एक ऐसी खुली खिड़की है, एक ऐसी धरती है, एक ऐसा आकाश है जो आप को बिना ज़मीर बेंचे, अपनी अना और जुबां बेंचे अपनी बात कहने का गुरुर देता है। सोने के निवाले जाएं भाड़ में ! किसी का दरबार जाए भाड़ में। जो दरबारी जीवन जीने और इस की कीमत बेज़मीर हो कर चुकाते हैं, अपनी अना, अपनी जुबां क्षण-क्षण सुविधाओं की भेंट चढ़ाने में अपनी शान समझते हैं, उन्हें यह उन की शान मुबारक ! कई लोग अपने-अपने ब्लाग पर भी यह सब कर ही रहे हैं तो अपनी बला से। यह उन का अपना आकाश है, उन का अपना चुनाव है। यहां तो कलम और आज़ादी सलामत है तो हम सलामत हैं, हमारी दुनिया सलामत है। हमारी अना, हमारी जुबां, हमारा ज़मीर सलामत है।
    – दयानन्द पांडेय, सरोकारनामा से साभार

    Keep Reading

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    Nepal Flood Tragedy: The Most Harrowing Incident of Devastation

    नेपाल बाढ़ त्रासदी: तबाही का सबसे दर्दनाक हादसा

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    Trump Trapped in a Labyrinth: US President's Mounting Difficulties Amid the Maze of an Iran War

    चक्रव्यूह में फंसे ट्रंप: ईरान युद्ध की भूलभुलैया में अमेरिकी राष्ट्रपति की बढ़ती मुश्किलें

    Maa Khaira Bhavani had appeared in the form of a divine beam of light.

    ज्योति पुंज के रूप में प्रकट हुईं थीं माँ खैरा भवानी

    People grappling with the unending problem of adulteration.

    मिलावट की अंतहीन समस्या से झूझते लोग

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Bollywood’s ‘Singham’ Ajay Devgn brings prestige to Haridwar International Ayurveda.

    बॉलीवुड के ‘सिंघम’ अजय देवगन ने बढ़ाया हरिद्वार इंटरनेशनल आयुर्वेद का गौरव

    September 11, 2026
    New NIXI-APNIC Partnership to Strengthen Internet Security in India

    14 साल बाद भारत में लौटा APNIC सम्मेलन, NIXI के साथ नई साझेदारी से मजबूत होगी देश की इंटरनेट सुरक्षा

    September 11, 2026
    Prime PR honored as ‘Best PR Agency’ at the Quality Mark Awards 2026.

    प्राइम पीआर को क्वालिटी मार्क अवॉर्ड्स 2026 में मिला ‘बेस्ट पीआर एजेंसी’ का सम्मान

    September 11, 2026
    The divine devotion of Chhath showcased on the big screen for the first time; Tamannaah Bhatia wins hearts in the song 'Chhathi Maiya' from the film 'The Vvaan'.

    बड़े पर्दे पर पहली बार दिखी छठ की अलौकिक आस्था, ‘द व्वान’ के गाने ‘छठी मैया’ में तमन्ना भाटिया ने जीता दिल

    September 11, 2026
    'The Shape of Belonging': A documentary exploring new perspectives beyond ramps and lifts.

    ‘द शेप ऑफ बिलॉन्गिंग’: रैंप और लिफ्ट से आगे बढ़कर नई सोच तलाशती डॉक्यूमेंट्री

    September 11, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading