Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, October 29
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»साहित्य

    शांति के कारण भीषण अशांति

    ShagunBy ShagunMay 1, 2023 साहित्य No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 692

     

    घरवाली के बोल से अगर आपके बोल नहीं मिलते हैं, तो समझिये घर में आफत के बादल जल्द फटने वाले हैं। आपका घर निकाला भी हो सकता है।मैने श्रीमती जी से बह इतना कह दिया कि शांति के साथ रहने दो…बस उनका गुस्सा फूट पड़ा -‘ ये मुई है कौन शांति जो हमारे घर को तोड़ना चाहती है। ‘

    लाख समझाकर हार गया पर शांति के नाम ने जो अशांति फैलाई उसका खामियाजा हाथ पांव तुड़वाकर अस्पताल की सेवा ले रहा हूं। अस्पताल में भी शांति नहीं, कौन सी नर्स सेवा में है, उसका इतिहास भूगोल पता किया जा रहा है। कहीं टूटे फूटे पति की सेवा करने के नाम पर डोरे न डालने लगे। शक का इलाज हकीम लुकमान के पास भी नहीं है। हम तो मारे डर के नर्स की तरफ देखते भी नहीं हैं। कहीं श्रीमती क सीसीटीवी कैमरे में कुछ ऐसा वैसा न दिख जाए। हंसकर बोलने और हंसने पर शतप्रतिशत पाबंदी… खुदा खैर करे। शांति की खोज में श्रीमती जी ने अपने सारे शागिर्द लगा दिए…नैन मटक्का शांति को ढूढ़ो चाहे जहां से ।श्रीमती जी का सारा मायका हमें घेरकर हर समय बैठा रहता है।

    आटे, दाल, चावल के कनस्तर बजने लगे पर श्रीमती जी ने ठान ली कि शांति का पतालगाकर ही दम लेंगी।पूरा मायका हर समय हर समय बुरा भला कहने से चूकता नहीं था। हर एक की नजर में मैं एक बिगड़ा हुआ आदमी हूं, जो आखों-आखों बिस्तर पर पड़े पड़े शिकार करता रहता है। श्रीमती जी हर आनेजाने वाले पर अपनी नजर गड़ा कर रखती थीं। उनका मानना था कि गाहे बगाहे शांति मुझसे मिलने जरूर आएगी। भाभियों पर खास नजर रखती थी। जरा सी हंसी सुनी चौकन्नी हो गई-‘देखिए बहन जी ,अभी डाक्टर ने बोलने से मना किया है… बाद में मिल लीजिएगा… तबीयत नासाज है…. ज्यादा बोलने से तबीयत बिगड़ने का खतरा है।

    दोस्तों को मौका मिल गया-‘अरे भाभीजी इनकी आखों का इलाज कराइए…. जिस किसी को थोड़ा ठीक ठाक समझते हैं, वहीं अटक जाते हैं…. हम लोग कई बार इन्हें मुसीबतों से बचा चुके हैं… पर भैय्या हैं कि गाड़ी चलाते चलाते नयनाफाइटिंग करने लगते हैं….और हां सभी से बगैर सोचे समझे दोस्ती का हाथ बढ़ा दैते हैं। संभलकर रहिएगा भाभीजी… इनकु आदतों से हम सब परेशान हैं।’

    ,बिस्तर पर पड़ा था नहीं तो सक्सेना के बच्चे को वहीं पटककर मारता। खुद की आदतें खराब.. पट्ठा तोहमत मेरे पर मढ़ गया। पड़ोस में रहनेवाले भौकाली मिश्रा जी भौकाल पेल गए-‘महिलाओं के बारे में इनका तरीका नापसंद है… जहां पाते हैं वहीं लस लेते हैं… कई बार हम लोगों ने इन्हें पिटने से बचाया है… पुलिस वाले तो इनपल खास नजर रखते हैं। जब भी कोई महिला गायब होती है… नाम भैय्या का ही सुनने में आता है।पुलिस सबसे पहले आफिस आ धमकती है….. भैय्या से हजार पांच सौ खाए बगैर रुकसत नहीं होती है।’

    श्रीमती जी को कौन बताए कि भौकाली मिश्रा जी दो दो बार महिला से छेड़खानी में जेल की हवा खा आए हैं और यहां हमारे बारे में अंग्रेजी बोलकर चले गए और मैं श्रीमती जी की निगाह में सबसे गन्दा आदमी सिद्ध हो गया।

    सासूमां के साथ पूरा मायका लगभग रो रहा था कि फूल सी बेटी कोपता होता तो इस लम्पट के साथ तो न ही बांधते चाहे जिन्दगी भर कुवांरी रह जाती।
    बिस्तर पर पड़े पड़े अपने बारे में एक से एक बढ़कर विशेषण सुन और गुन रहा था….शांति का नाम पता नहीं कहां प्रकट हो गया….अब शांति के कारण भीषण अशांति।
    ठीक होने पर श्रीमती जु की टीम की निगरानी में आफिस जाना हुआ….. सबकी नजरें ऐसे घूर रही थी जैसे दो चार का कत्ल करके आया हूं। अपने करीबी दोस्त यार बात करने से भी डरते थे कि कहीं श्रीमती जी उन पर भी न शक करने लगें।

    श्रीमती जी ने घर के बाहर ‘कुत्ते से सावधान’ का बोर्ड लगवा दिया। अब कुत्ता कौन है इस पर बहस करने से कोई फायदा नहीं है। घर में अमन चैन है…. मुंह सीकर बस बैठे बैठे टीवी देखता रहता हूं और शरीर के घावों को सहलाता रहता हूं। खूब आवभगत हो रही है, सुबह चाय से लेकर रात्रि भोजन तक। जैसे बकरे को हलाल के पहले खूब पुचकारा जाता है…. खिलाया पिलाया जाता है वही अपनी भी गति है। खूब खाओ पियो कोई राशनिंग नहीं।पर बोलना सख्त मना है। मैं भी सह कुछ देखते सुनते शान्त रहता हूं।

    कहीं किसी की साड़ी की तारीफ कर बैठा तो नया बवाल शुरू। तारीफ वाली चुज देखकर तारीफ करने को न मिले… तो पेट में गैस बनने लगती है। सिर भी चकराने लगता है। श्रीमती जी की किटी की दोस्त किटकिटाकर नमक मिर्च लगाकर श्रीमती जी को सख्त रहने की हिदायत दे जाती हैं जाते जाते -‘बिल्कुल छूट मत देना, नहीं तो इस बार फिर कन्ट्रोल में ही नहीं आएंगे।
    घर पर काला चश्मा पहनना पड़ता है, जिससे किसी महिला से आखें न लड़ सकें। बन्धुआ मजदूर बन के रह गया हूं। इस माहौल से कैसे पीछा छूटेगा.. पता नहीं।

    जब श्रीमती जी को यह रपट मिल गई कि शांति नामक महिला को मैं जानता नहीं पहचानता नहीं, तब जाकर पिण्ड छूटा। लेकिन खबरदार किया कि फिर कभी ऐसा सुनने में नहीं आना चाहिए। मैं भी कम नहीं…इतने दिनों का जला बैठा था,महरी के काम की तारीफ़ की…दूसरे दिन महरी को हटा दिया। कहने लगीं खुद बरतन,झाड़ू पोछा कर लूगी….लेकिन कामवाली बाई नैन मटक्का के लिए नहीं होगी।

    मैने कहा तुम भी पड़ोसी की तरह कुत्ता पाल ही लो…देखो वह बर्तन में गुड़ डाल देते हैं.. कुत्ता जीभ से बर्तन साफकर देता है। फर्श पर चीनी डाल देते हैं …कुत्ता जबान से फर्श पोछ डालता है..कामवाली बाई की छुट्टी। कितना अच्छा आइडिया है… कामवाली बाई का झंझट खत्म।
    श्रीमती जी को मेरी बात में कुछ कुछ दम लगने लगा। वह गंभीर होकर कुत्ते के लिए योजना बनाने लगीं। कुत्ता होगा तो घर भी सुरक्षित रहेगा। लेकिन कुत्ते के दाम आठ दस हजार सुनकर गली के किसी कुत्ते के गले में पट्टा डाल देना ज्यादा सुविधाजनक लगा।

    अब श्रीमती जी पट्टा लेकर कुत्ते की तलाश में गली गली घूम रही हैं। कोई न कोई गले में पट्टा धारण ही कर लेगा। मैं भौचक्का सा गतिविधियों पर बस नजर रख रहा हूं। कुत्ते आजादी से घूमें यही चाहता हूं। आदमी तो बंधा हुआ अच्छा लग सकता है। पर कुत्ते जो स्वतंत्र होते हैं वही सुखी होते हैं। स्वतंत्र कुत्तों की अपनी दुनिया है… मुझसे ऐसे आवारा कुत्तों का सुख देखा नहीं जाता…. भगवान ने इन्हें वरदान दे रखा है…. बंधन में बंधो नहीं… नहीं तो आदमी की तरह हंसना खेलना भूल जाओगे।
    श्रीमती जी कुत्ते की तलाश में हैं… कृपया बच के रहिएगा…आमीन।

    Shagun

    Keep Reading

    The saga of the 'Iron Man'—who united 565 princely states—now arrives on a Delhi stage.

    565 रियासतों को एक सूत्र में पिरोने वाले ‘लौह पुरुष’ की गाथा अब दिल्ली के मंच पर

    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    "Books focus the mind and connect it with traditions" - Brajesh Pathak; Isha-Misha Ratan's Kathak performance captivated the audience

    ‘पुस्तकें मन को एकाग्र कर परंपराओं से जोड़ती हैं’-ब्रजेश पाठक; ईशा-मीशा रतन की कथक प्रस्तुति ने मोहा मन

    A Grand Gathering of Books: 23rd 'National Book Fair' to be Held in Lucknow Starting October 1st

    किताबों का महाकुंभ: लखनऊ में 1 अक्टूबर से सजेगा 23वां ‘राष्ट्रीय पुस्तक मेला’

    Union with Emptiness

    शून्यता से मिलन

    Grand launch of two new works by Dr. Vidyasagar Upadhyay on Hindi Diwas

    हिन्दी दिवस पर डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो नई कृतियों का भव्य लोकार्पण

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts

    गजब हो गया : दूसरों का भविष्य बताने वाले ज्योतिषाचार्य की पत्नी चुनाव हारीं, 300 वोट भी नहीं मिले!

    October 29, 2026
    Anuradha Paudwal: Reached great heights, yet also endured the pain of profound loneliness.

    अनुराधा पौडवाल : बुलंदियों को भी छुआ और गहरे अकेलेपन का दर्द भी झेला

    October 28, 2026

    यूपी में श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर तय हुई दरें

    October 28, 2026
    Neeru Sharma Explores Parenting, Social Conditioning and Unspoken Wounds as the Trailer of Sonali Kulkarni’s ‘Like Maa’ Is Released

    माँ की परवरिश में छिपे बचपन के जख्मों की कहानी कहेगी ‘लाइक माँ’

    October 28, 2026
    U&i launches new gadgets: now listen to music and make calls for up to 50 hours—all through your glasses.

    U&i के नए गैजेट्स लॉन्च, अब चश्मे से सुनें म्यूजिक और 50 घंटे तक करें कॉलिंग

    October 28, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading