रोते हुए कहा अब नहीं जीना बेटा !
शामली। ज़िंदगी में इंसान के लिए कौन सा पल भारी पड़ जाये यह कहना बड़ा मुश्किल होता है क्योंकि जब अपने दर्द देते हैं तो यह सह पाना बड़ा मुश्किल होता है। कुछ ऐसा ही एक मामला एक साथ पांच ज़िंदगिया लील गया। उत्तर प्रदेश के शामली जनपद के कैराना के 38 वर्षीय मजदूर सलमान अपने चार छोटे बच्चों के साथ यमुना किनारे पहुंचा। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह जिंदगी से इतनी गहराई तक टूट चुका है कि अब वापसी नहीं होगी। पास बैठे बच्चे रो रहे थे, और पिता की आंखों में आखिरी फैसला तैर रहा था । वह वीडियो में रो रोकर अपनी पत्नी की बेवफाई को बयां करता है। इस दौरान चार बच्चे भी उसके साथ थे। पिता के साथ एक बेटी की आंखों से भी आंसू गिरते रहे। लेकिन शायद ही उसे इस बात का अंदाजा हो कि उसका पिता कितना खौफनाक कदम उठाने जा रहा है।
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यमुना में कूदने से पहले सलमान में बच्चों के साथ तीन दर्द भरे वीडियो रिकॉर्ड किए, इन वीडियोज को अपनी बहन को शेयर किया और फिर उठा लिया वो कदम जिसने एक हंसते खेलते परिवार में छोड़ा दर्द, मातम और चीख-पुकार।

शुक्रवार सुबह सलमान ने पत्नी से झगड़े के बाद घर छोड़ा। उसने बहन को बताया कि वह बच्चों को लेकर खेत जा रहा है। पत्नी कई दिनों से घर छोड़कर चली गई थी। सलमान के दिल में उपेक्षा, गुस्सा और टूटन का सैलाब था। पहले वीडियो में सलमान ने रोते हुए बेटी महक से कहा- ‘हमारे साथ जो हुआ, उसकी सजा अब मौत ही है। ‘ उसने पत्नी और कुछ परिचितों को अपनी बर्बादी के लिए जिम्मेदार ठहराया। उसके शब्दों में एक टूटी हुई आत्मा की हूक थी।
दूसरे वीडियो में सलमान ने कहा- इस औरत ने सात माह से मेरी जिंदगी तबाह कर रखी है। किसी से कोई उम्मीद नहीं । उसकी आवाज कांप रही थी, मगर जैसे उसने खुद को समझा लिया हो कि बस अब यही आखिरी रास्ता है। तीसरे वीडियो में सलमान ने अपने पिता और परिवार से माफी मांगी- अगर मुझसे गलती हो रही है, तो माफ कर देना अब्बू। कैमरे के उस पार उसकी आंखों में झिलमिलाते आंसू थे, और पीछे खेलते बच्चे- अनजान थे कि आगे क्या होने वाला है। कैराना के पुराने पुल पर लगे सीसीटीवी में सलमान चारों बच्चों के साथ नजर आया। पास में चाट बेचने वाले सादिक ने बताया कि बच्चे रो रहे थे, और सलमान उन्हें बार-बार चुप करा रहा था। वह कभी पुल की रेलिंग तक जाता, फिर लौट आता मानो खुद से लड़ रहा हो।
शनिवार सुबह जब परिवार को घटना पता चली तो कोहराम मच गया। यमुना किनारे हजारों लोग जमा हो गए। पुलिस और पीएसी की फ्लड यूनिट मोटरबोट से नदी में उतरी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर आंख नम है, हर दिल में सवाल हैं। सलमान की कहानी केवल एक आत्महत्या नहीं, बल्कि संवाद की कमी और मानसिक टूटन की दास्तान है। जब रिश्तों में भरोसा मर जाता तब जिंदगी भी बेमायने हो जाती है। जरूरत है कि ऐसे हालात में लोग मदद मांग जाए, न कि मौत चुनें। मजदूर और उसके बच्चों के यमुना में कूदने के कारण परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
वहीं पीएससी की फ्लड यूनिट मजदूर और उसके बच्चों की तलाश में मोटर बोट के सहारे यमुना नदी में उतरी। सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार और एसडीएम निधि भारद्वाज भी मौके पर पहुंची। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे पीएसी की फ्लड यूनिट ने यमुना में कूदे मजदूर और उसके बच्चों की तलाश में मोटर बोट के सहारे यमुना में सर्च अभियान शुरू कर दिया।







