सफलता की कहानी के पीछे बेहद घना और डरावना अंधेरा भी हो सकता है

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कैफ़े काॅफी डे या आम बोलचाल में सीसीडी के देश भर में करीब 1700 स्टोर हैं और कुल संपत्ति का मूल्य लगभग 18,000 करोड़ रुपये आँका गया है। सीसीडी के चमकते दमकते कैफ़ेटेरिया पिछले क़रीब दो दशकों में धीरे-धीरे महानगरीय मध्यवर्ग के लिए अच्छी काॅफी पीने, डेटिंग से लेकर छोटीमोटी बिज़नेस मीटिंग करने या यूँही मिलनेजुलने, गप्पें लड़ाने, बर्थडे पार्टी वगैरह के लिए अच्छी, सुविधाजनक और सुकून वाली जगह बन गए थे। जब ऐसे लोकप्रिय और सफल लगने वाले ब्रांड का संस्थापक यह कहे कि मैं एक नाकाम उद्यमी साबित हुआ तो उस जैसों को रोल माॅडल मानने वाले किसी छोटे और मामूली कारोबारी या नये उद्यमी की हिम्मत कैसे बनेगी कि वह बाज़ार में अपने बूते पर टिका रह सके।

नौकरियाँ तो वैसे भी ख़त्म होती जा रही हैं। सरकार दावा कर रही है कि उसकी नीतियाँ लोगों को नौकरी माँगने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की हैं। मीडिया का बड़ा हिस्सा इस दावे का सच परखने की मेहनत करने के बजाय सरकार की जयजयकार में ही लगा हुआ है।

विपक्ष बेदम है। समाज के लिए रोज़गार, खेती , अर्थव्यवस्था से ज़्यादा अहम है हिंदू मुसलमान के मसले, मंदिर, गाय, तीन तलाक़, पाकिस्तान वगैरह। वी जी सिद्धार्थ की ख़बर ने एक बार फिर दिखाया है किसी चमकती दमकती सफलता की कहानी के पीछे बेहद घना और डरावना अंधेरा भी हो सकता है।

मौजूदा आर्थिक नीतियाँ इस अंधेरे को मिटाने के बजाय बढ़ाने की ही आशंकाओं को लगातार पुष्ट कर रही हैं। ऐसे में विपक्ष के साथ साथ समाज को भी सचेत होने और मुखर होकर सरकार से सवाल पूछने की ज़रूरत है। – विश्लेषण: अमिताभ श्रीवास्तव 

कैफे कॉफी डे के फाउंडर का शव मिला नदी में, सोमवार से थे लापता

6,550 करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज था

नई दिल्ली,31 जुलाई 2019: देश की नामी कॉफी चेन ‘कैफे कॉफी डे’ (CCD) के संस्थापक और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद वीजी सिद्धार्थ ((58) का शव बुधवार सुबह मेंगलुरु की नेत्रावती नदी से मिला। मीडिया ख़बरों के अनुसार मेंगलुरु के विधायक यूटी खादर के मुताबिक, सिद्धार्थ के दोस्तों और रिश्तेदारों ने शव की शिनाख्त कर ली है। सोमवार रात उनके लापता होने के बाद 25 तैराकों समेत 200 लोग सर्च ऑपरेशन में जुटे थे। इस दौरान कोस्ट गार्ड के जहाज आईसीजीएस राजदूत और एसीवी (एच-198) की भी मदद ली गई। सिद्धार्थ का अंतिम संस्कार कर्नाटक के हासन जिले में किया जाएगा।

27 जुलाई को मिला था एक खत :

खत में लिखा- हालात से हार गया हूं, मुझे माफ करना…

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा के दामाद सिद्धार्थ के नाम का 27 जुलाई का एक खत सामने आया है, जिसमें उन्होंने इक्विटी पार्टनर और कर्जदाताओं के दबाव का जिक्र किया है। इनकम टैक्स के पूर्व डीजी पर उत्पीड़न का आरोप भी लगाया है। हालांकि आयकर विभाग ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हमने कानून के मुताबिक काम किया है।

विभाग ने खत पर भी सवाल उठाए और कहा कि हमारे पास जो सिद्धार्थ के दस्तखत हैं, खत पर किए गए साइन से मेल नहीं खाते। इनकम टैक्स विभाग ने यह भी दावा किया कि सिद्धार्थ और उनके करीबियों के यहां छापेमारी के दौरान उन्होंने आय छिपाने की बात कबूली थी।

पिता ने दिए थे 5 लाख रुपये:

  • 1996 में कॉफी कैफे डे खोला, आज 247 शहरों में इसके 1,758 कैफे हैं, कंपनी की मार्केट वैल्यू 3,254 करोड़ है।
  • 21 साल की उम्र में मुंबई में फाइनैंशल कंपनी में ट्रेनी बने। लौटकर 2 लाख रुपये से फाइनैंस कंपनी खोली।
  • पिता ने 5 लाख रुपये दिए थे, इसमें से 3 लाख की जमीन खरीदी और 2 लाख बैंक में रखे।
  • कर्नाटक के चिकमंगलुरु में सिद्धार्थ का परिवार करीब 140 वर्षों से कॉफी की खेती से जुड़ा रहा है।
  • 5 लाख लाए थे, 3,200 करोड़ की कंपनी बना ली

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