उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष मिले ऊर्जा मंत्री से, सौंपा लोकमहत्व ज्ञापन
लखनऊ,30 जुलाई 2019: प्रदेश की बिजली कम्पनियों द्वारा जहां एक तरफ बिजली दरों में व्यापक बढ़ोत्तरी कराने की लगातार लाबिंग की जा रही है और विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली दरों पर कल अन्तिम सुनवाई बनारस में होगी। वहीं दूसरी तरफ उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद बिजली दर बढ़ोत्तरी को रोकने के लिये अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और नियामग आयोग से लेकर सरकार तक अपनी घेराबंदी शुरू कर दी है। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री से मुलाकात के दौरान आज कहा कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर उदय के तहत निकल रहा है 11852 करोड़। ऐसे में बिजली दरों में नहीं हो सकती वृद्धि फिर भी पावर कार्पोरेशन वृद्धि कराने पर आमादा, जबकि उसके पास अनेकों उपाय हैं उपलब्ध।
बिजली दर बढ़ोत्तरी न होने पाये को लेकर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने आज प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से शक्ति भवन स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा और विस्तार से चर्चा की।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री के सामने अपने लोक महत्व ज्ञापन के माध्यम से यह प्रस्ताव रखा कि प्रदेश की बिजली कम्पनियों का सरकारी विभागों पर बिजली का लगभग 11 हजार करोड़ रू0 बकाया है। यदि उसको सरकार दिला दे तो बिजली दरों में बढ़ोत्तरी की कोई आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वर्तमान में इसी प्रकार तकनीकी व वाणिज्यिक हानियां जो उप्र में बहुत ज्यादा हैं उस पर भी अंकुश लगाकर बिजली दर बढ़ोत्तरी से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में बिजली कम्पनियों का गैप केवल इसलिये बढ़ रहा है क्योंकि महंगी बिजली खरीद व फिजूल खर्ची की वजह से बिजली कम्पनियों के खर्चे बढ़़ गये है। ऐसे में बिजली कम्पनियों की अक्षमता का खामियाजा किसी भी हालत में प्रदेश की जनता पर नहीं पड़ना चाहिए। उपभोक्ता परिषद ने अनेकों तथ्य रखते हुए घरेलू बीपीएल ग्रामीण किसानों की बिजली दरों में कोई भी बढ़ोत्तरी न करने की मांग उठायी और सरकार से यह अपेक्षा की कि सरकार पूरे मामले पर हस्तक्षेप करे।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया कि सरकार पूरे मामले पर नजर बनाये हुए है। सरकार हर वह उपाय करने के लिये संकल्पित है, जिसमें गरीब बीपीएल किसान का हक सुरक्षित बना रहे। सरकार उपभोक्ता परिषद के सभी प्रस्तावों पर गम्भीरता से विचार करेगी।






