चंद्रयान-2: मिशन मून: बाहुबली रॉकेट ने दिखाया दम, चंद्रयान-2 को लेकर चला चंद्र की ओर
नई दिल्ली,23 जुलाई 2019: भारत ने ‘अनगिनत सपनों को चांद पर ले जाने’ के उद्देश्य से अपने दूसरे चंद्र मिशन ‘‘चंद्रयान-2’ का सोमवार को यहां सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। ‘‘बाहुबली’ नाम के सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी-मार्क 3 एम 1 ने प्रक्षेपण के करीब 16 मिनट बाद यान को पृवी की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया।
मीडिया ख़बरों के अनुसार मिशन के तहत चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में रोवर उतारकर अन्वेषण और अध्ययन किया जाएगा। रोवर की सात सितंबर को ‘‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराए जाने की योजना है, जो इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण और जटिल चरण होगा।
चंद्रयान-2 का सफल परीक्षण हमारे वैज्ञानिकों की ताकत को दिखाता है, पूरा भारत गर्व महसूस कर रहा है। – प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी
टीम इसरो ने घर परिवार की चिंता छोड़कर लगातार सात दिन तक परीक्षण की दिक्कत को दूर करने के लिए सब कुछ झोंक दिया, यह कड़ी मेहनत का ही नतीजा है। – के सिवन, इसरो चीफ
बता दें कि इसरो का यह अब तक का सबसे जटिल और सबसे प्रतिष्ठित मिशन है। यदि सब कुछ सही रहता है, तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत चांद की सतह पर ‘‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला चौथा देश बन जाएगा। ‘चंद्रयान-2’ मिशन भारत के लिए इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में अभी तक कोई देश नहीं पहुंचा है।
‘चंद्रयान-2 अनगिनत सपनों को चांद पर ले जाने के लिए तैयार है:
चंद्रयान-2 ने अपराह्न दो बजकर 43 मिनट पर चांद की ओर उड़ान भरी। इसरो ने 18 जुलाई को यान के प्रक्षेपण की नई तारीख की घोषणा करते हुए कहा था, ‘चंद्रयान-2 अनगिनत सपनों को चांद पर ले जाने के लिए तैयार है।
22 जुलाई, 2019 को अपराह्न दो बजकर 43 मिनट पर प्रक्षेपण के लिए हमारे साथ जुड़िए।’’ 43.43 मीटर लंबे जीएसएलवी मार्क 3 एम 1 ने आसमान में छाए बादलों को चीरते हुए प्रक्षेपण के 16 मिनट 14 सेकेंड बाद 3,850 किलोग्राम वजनी ‘‘चंद्रयान-2’ को पृवी की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया।इसी के साथ ही यान ने भारत के महत्वाकांक्षी मिशन के पहले चरण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया।






