गाज उन्हीं पर गिरी, जिनकी चरित्र पंजिका थी लाल
लखनऊ,15 जुलाई 2019: प्रदेश के वाराणसी व आगरा जोन के 69 पुलिसकर्मियों को बीते शुक्रवार को जबरन रिटायर कर दिया गया। इनमें से ज्यादातर दागी पुलिसकर्मी हैं। 50 वर्ष से अधिक आयु के इन पुलिसकर्मियों में ज्यादातर की चरित्र पंजिका लाल थी। भ्रष्टाचार, ड्यूटी से गैरहाजिर व शारीरिक रूप से अक्षम्य पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायर करने का निर्णय लिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग को निर्देश दिया था कि दागी पुलिसकर्मियों की छुट्टी कर दी जाए। इसी निर्णय के मद्देनजर वाराणसी जोन के 10 जिलों में तैनात 47 पुलिसकर्मियों व आगरा जोन में 22 पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर जबरिया रिटायर कर दिया गया है। वाराणसी के एडीजी जोन बृज भूषण ने बताया कि पुलिस अधीक्षकों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिसकर्मियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के संबंध में निर्णय लिया गया है।
इसी क्रम में वाराणसी के 22, आजमगढ़ के पांच, गाजीपुर, मिर्जापुर व सोनभद्र के चार-चार, भदोही के तीन, जौनपुर व मऊ के दो-दो और चंदौली के एक पुलिसकर्मी को जबरिया सेवानिवृत्त किया गया है।इधर आगरा रेंज के आईजी ए. सतीश गणोश ने मीडिया को बताया कि स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर रेंज के 22 पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायर कर दिया गया। इन सभी के खिलाफ 10 से अधिक कार्रवाई हो चुकी थीं। सभी की आयु 50 से ज्यादा है। यह सभी सिपाही और हेड कांस्टेबल के पद पर थे। इनमें सर्वाधिक नौ पुलिसकर्मी मथुरा के हैं जबकि आगरा के चार, फिरोजाबाद के छह और मैंनपुरी के तीन पुलिसकर्मी हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों पर और गाज गिर सकती है।
स्क्रीनिंग कमेटी की जांच अभी भी जारी है। आगरा रेंज के चारों जिलों में स्क्रीनिंग कमेटी ने 50 से ज्यादा उम्र के पुलिसकर्मियों की सूची बनाई। उन्हें अब तक की सर्विस में मिले दंड की संख्या देखी गई। ऐसे पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है, जिनकी चरित्र पंजिका लाल रंग से रंगी थी। उन्हें जबरन सेवानिवृत्त किया गया। इनमें से कई पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। जांच के बाद इन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई थी।
पुलिस सूत्रों और मीडिया ख़बरों के अनुसार जानकारी मिली कि उन पुलिसकर्मियों को भी इसमें शामिल किया गया है, जो ठीक से काम नहीं कर पा रहे थे। पिछले दो सालों में जितने पुलिसकर्मी लूट में जेल गए हैं, उनकी सूची पहले ही शासन को भेजी जा चुकी है। इन पर अभी निर्णय नहीं हो पाया है। इनमें आगरा के चार पुलिसकर्मी शामिल हैं।







