भक्तों ने खेली राधा- कृष्ण व ग्वालबालों के संग फूलों की होली

0
559
  • छठा दिन: डिज़िटल मूविंग झांकी: न्यू गणेशगंज अमीनाबाद रोड लखनऊ
  • छठ उत्सव पर पुनीत जेटली के भजनों पर थिरके राधा-कृष्ण

लखनऊ,29 अगस्त 2019: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अंतिम दिन भगवान की छठी मित्तल परिवार ने बड़ी धूमधाम के साथ मनाई। इस मौके पर न्यू गणेशगंज अमीनाबाद रोड पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं डिजिटल मूविंग झांकियों की श्रृखंला में गुरुवार को कृष्ण राधा की महारास झांकी, सांस्कृतिक संध्या छठ उत्सव पर राजश्री म्यूजिक ग्रुप के संग पुनीत जेटली (मुंबई) एवं योगेन्द्र अग्रवाल ने भजनों, राधा कृष्ण संग फूलों की होली खेल भक्त झूमे।

संयोजक अनुपम मित्तल ने बताया कि निर्णायक मंडल ने नृत्य व गायन स्पर्धा में शिवांश व संस्कृति को प्रथम, सपना गौड़ को द्वितीय, मानवी को तृतीय, मुस्कान खान को विशेष स्थान प्राप्त हुआ। मित्तल परिवार के ओर से निर्णायक मंडल ने स्पर्धा के सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत एवं झांकी निर्माण के लिए विजय वर्मा और कतकतियां एलईडी पैनल की सजावट के लिए घनश्याम अग्रवाल, लाइट एंड साउंड के लिए सतीश को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।

हृदय को हर्षातिरेक से भर देने वाले मुबंई के पुनीत जेटली ने बम बगड बम, बम बगड बम, बम लहरी…, मैं तो पागल हो गया कान्हा का… के पश्चात एक से बढ़कर एक भजनों सुनाकर उपस्थित श्रोताओं को कृष्णभक्ति का रसपान कराया। संगीत से सजे सांस्कृतिक संध्या में राजश्री म्यूजिक ग्रुप संग योगेन्द्र अग्रवाल अपनी पुलकिश आवाज में मेरे बांके बिहारी लाल, तूं इनका न करियों श्रृंगार नजर तोहे लग जायेगी…, छाई काली कराये तो क्या उसकी छतरी के नीचे हूं मैं… जैसे सरीखे भजनों की प्रस्तुति से श्रोताओं का दिल जीता।

आरगन पर डीएस दीक्षित, पैड पर जीएल श्रीवास्तव, ढोलक पर अमरेश अवस्थी ने संगत दिया। दो कुंतल रंग-बिरंगे फूलों से आज बृज में होरी रे रसिया गीत पर चार जोड़े राधा कृष्ण रूपी बच्चों, ग्वालबालों की टोलियों ने उपस्थित भक्तगणों बीच फूूलों की होली जमकर खेले, वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भक्तगणों ने राधा कृष्ण पर पुष्पवर्षा कर उन्हें फूलों से ढक दिया। ऐसा लगा कि साक्षात्् राधा कृष्ण के दर्शन हो रहे है। जिसे देख पूरा न्यू गणेशगंज राधाकृष्ण की भक्ति झूमकर नाचने लगे।

वृन्दावन के निधिवन में सोलह कलाओं से परिपूर्ण श्रीकृष्ण एक साथ हजारों गोपियों के संग मदमस्त होकर नाच-गा रहे है। मानों गोपियों को भगवान श्रीकृष्ण को मिल गये। वो कोई सामान्य नाचने वालों का काम नहीं था, जिसको प्राप्त करने के लिए गोपियों को सर्वस्व त्यागना पड़ा था। इसके साथ ही राधा कृष्ण का झूला, क्षीर सागर में शेषनाग पर लेटे हुए विष्णु व लक्ष्मी, 20 फुट ऊंचा शिवलिंग, अगस्त्य मुनि के मुख से जल अवतरण, राम दरबार, हनुमानजी के हदय से सियाराम के दर्शन, बंदर के संग करतब दिखाता मदारी की झांकी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here