प्लास्टिक युग का अंत चाहते हैं तो पत्तल में खाने की परंपरा को पुनर्जिवित करें!

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कौन- कौन पसंद करता है पत्तल में खाना: मेल जरूर करें और अपना अनुभव लिखें -editshagun@gmail.com

पत्तलों से लाभ :

  1. सबसे पहले तो उसे धोना नहीं पड़ेगा, इसको हम सीधा मिटटी में दबा सकते है।
  2. इससे न पर्यावरण दूषित होगा, न पानी नष्ट होगा।
  3. न ही कामवाली रखनी पड़ेगी, मासिक खर्च भी बचेगा।
  4. न ही केमिकल उपयोग करने पड़ेंगे।
  5. न केमिकल द्वारा शरीर को आंतरिक हानि पहुंचेगी।
  6. अधिक से अधिक वृक्ष उगाये जायेंगे, जिससे कि अधिक आक्सीजन भी मिलेगी।
  7. प्रदूषण भी घटेगा।
  8. सबसे महत्वपूर्ण झूठे पत्तलों को एक जगह गाड़ने पर, खाद का निर्माण किया जा सकता है, एवं मिटटी की
  9. उपजाऊ क्षमता को भी बढ़ाया जा सकता है।
  10. पत्तल बनाने वालों को भी रोजगार प्राप्त होगा।
  11. इन पत्तलों को यदि कोई गाय आदि जानवर खा भी लेगा तो उसकी उदरपूर्ति होगी प्लास्टिक की तरह नुकसान नहीं होगा।
  12. सबसे मुख्य लाभ, आप नदियों को दूषित होने से बहुत बड़े स्तर पर बचा सकते हैं, जैसे कि आप जानते ही हैं कि जो पानी आप बर्तन धोने में उपयोग कर रहे हो, वो केमिकल वाला पानी, पहले नाले में जायेगा, फिर आगे जाकर नदियों में ही छोड़ दिया जायेगा। जो जल प्रदूषण में आपको सहयोगी बनाता है।

आजकल हर जगह भंडारे, विवाह शादियों, जन्मदिन पार्टियों में डिस्पोजेबल की जगह इन पत्तलों का प्रचलन करना चाहिए।

  • महेश दाधीच

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