- बॉर्डर पर पाक की ओर से फायरिंग जारी, राजौरी के नौशेरा में आईईडी ब्लास्ट में मेजर शहीद, भारत ने दिया मुहतोड़ जवाब
- पाकिस्तान से सबसे तरजीही देश का दर्जा वापस लिया भारत ने, पाक उच्चायुक्त तलब
- हमले से गुस्साएं देशवासियों ने जगह जगह विरोध प्रदर्शन और शोक सभाएं
नई दिल्ली, 16 फरवरी 2019: भारत ने पुलवामा के आतंकी हमले में लगभग 40 सीआरपीएफ जवानों की मौत पर कड़ा विरोध जताते हुए पाकिस्तान के उच्चायुक्त को तलब कर लिया और सख्त आपत्तिपत्र जारी किया है। बता दें कि विदेश सचिव ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त को शुक्रवार दोपहर 2 बजे विदेश मंत्रालय में तलब किया। विदेश सचिव ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त से कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ तत्काल एवं प्रमाणिक कार्रवाई करे। इस बीच बड़गाम पहुँचकर भारतीय गृहमंत्री राजनाथ ने शहीदों को कन्धा दिया तो सभी ऑंखें नाम हो गयी।
इस बीच ताजा खबर यह है कि जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर शनिवार को राजोरी जिले के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान की बार्डर एक्शन टीम (बैट) की ओर से बिछाई गई आईईडी को डिफ्यूज करते समय हुए विस्फोट में सेना के मेजर च्रकेश बिष्ट शहीद हो गए। एक अन्य जवान घायल हो गया, जिसे एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए उधमपुर कमान अस्पताल भेजा गया है। सैन्य प्रवक्ता ने भी आईईडी ब्लास्ट में एक मेजर के शहीद तथा एक जवान के घायल होने की पुष्टि की है।

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को जम्मू कश्मीर में बृहस्पतिवार को शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित करने के बाद एक शहीद जवान को कंधा दिया। दिल्ली से यहां पहुंचते ही गृह मंत्री ने श्रद्धांजलि सभा में शिरकत की जहां 40 सीआरपीएफ जवानों की पार्थिव देह तिरंगे में लिपटे ताबूतों में रखी गयीं।
सुरक्षा बलों को कार्रवाई की पूरी छूट: प्रधानमंत्री
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पड़ोसी देश पाकिस्तान को शुक्रवार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकी संगठनों और उनके आकाओं ने जो हैवानियत दिखाई है, उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि सुरक्षा बलों को आगे की कार्रवाई की पूरी छूट दे दी गई है। समय, स्थान और स्वरूप उन्हें तय करना है।
प्रधानमंत्री ने यहां ‘‘बंदे भारत’ एक्सप्रेस ट्रेन 18 की शुरुआत से जुड़े एक कार्यक्रम में कहा, आतंकी संगठनों को और उनके सरपरस्तों को कहना चाहता हूं कि वे बहुत बड़ी गलती कर गए हैं। मैं देश को भरोसा दिलाता हूं कि हमले के पीछे जो ताकतें हैं, इस हमले के जो भी गुनहगार हैं, उन्हें उनके किए की सजा अवश्य मिलेगी। इस हमले की वजह से देश में जितना आक्रोश है, लोगों का खून खौल रहा है, वह समझ रहा हूं। इस समय जो देश की अपेक्षाएं हैं, कुछ कर गुजरने की भावनाएं हैं, वो स्वाभाविक हैं। हमारे सुरक्षा बलों को पूर्ण स्वतंत्रता दी हुई है।






