पांचवां दिन: डिज़िटल मूविंग झांकी: न्यू गणेशगंज अमीनाबाद रोड लखनऊ
लखनऊ,28 अगस्त 2019: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं डिजिटल मूविंग झांकियों की श्रृखंला में आज बुधवार को मित्तल परिवार की ओर से नाका के न्यू गणेशगंज में गोवर्धन लीला की झांकी तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नृत्य एवं गायन प्रतियोगिता में बच्चों व युवाओं ने नृत्य एवं गायन प्रतिभा प्रदर्शित की गयी।
सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत अक्षय चौहान, कृष्णा चौहान ने गणेश वंदना सिन्दूर लाल चढ़ायो पर समूह नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को गणेशजी की भक्ति का रसपान कराया। इसी क्रम में तेजस गुुप्ता व वैष्णवी ने मैं बरसाने की छोरी गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों अपनी नृत्य प्रतिभा से अवगत कराया अपितु लोगों की तालियां भी अर्जित की। मुस्कान खान ने मैया यशोदा, मनजीत कौर ने वो कृष्ण है, आशी मिश्रा ने म्यूजिक बजेगा राधा नाचेगी, परी ने बांसुरी कृष्णा की बाजेगी, पिहू बाजपेई ने कृष्ण रूप का श्रृंगार तथा मानवी ने मैया यशोदा पर भावपूर्ण अभिनय युक्त नृत्य प्रस्तुत कर कलाप्रेमी दर्शकों को भगवान श्रीकृष्ण और राधा के साक्षात् दर्शन करवाए।

रिदिमा ने यशोमती मैय्या से, ऋषभ ने तेरी मिट्टी में रंग जावां भक्ति भावना से ओतप्रोत गीत सुनाकर श्रोताओं में देशप्रेम की भावना जागृत की। संयोजक अनुपम मित्तल ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झांकियांे को डिजिटल मूविंग के साथ एलईडी की रंगबिरंगी लाइटों का इफेक्ट दिया गया है। न्यू गणेशगंज मार्ग को कान्हा की विभिन्न लीलाओं के एलईडी पैनलांे लगाए है, 50 फुट चार धाम द्वार को कलकतिया की एलईडी पैनलों से सजाया गया है। गुरुवार 29 अगस्त को कन्हैया का महारास झांकी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में श्रीकृष्ण छठी उत्सव भजन संध्या पुनीत जेटली (मुंबई) एवं राजश्री म्यूजिक ग्रुप तथा राधा कृष्ण रूपी बच्चों के द्वारा फूलों की होली खेली जाएगी।
बुधवार को गोवर्धन लीला की झांकी में श्रीकृष्ण ने देखा कि सभी बृजवासी और अपनी मां को भी मेघों के स्वामी इंद्र की पूजा करते हुए देखा तो सवाल किया कि लोग इन्द्र की पूजा क्यों करते हैं? उन्हें बताया गया कि वह वर्षा करते हैं जिससे अन्न की पैदावार होती और हमारी गायों को चारा मिलता है। तब श्रीकृष्ण ने कहा ऐसा है तो सबको गोर्वधन पर्वत की पूजा करनी चाहिए क्योंकि हमारी गायें तो वहीं चरती हैं। उनकी बात मान बृजवासी इंद्र की जगह गोवर्धन पर्वत की पूजा करने लगे। इन्द्र इससे कुपित होकर मूसलाधार वर्षा शुरू कर दी। ताकि पूरा बृज वर्षा में डूबकर नष्ट हो जाए। बृजवासियों को बचाने के लिए कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को ही उठा लिया। सभी बृजवासी, ग्वाल बालों के संग गोवर्धन पर्वत के नीचे आ गए।
इसके साथ ही राधा कृष्ण का झूला, क्षीर सागर में शेषनाग पर लेटे हुए विष्णु व लक्ष्मी, 20 फुट ऊंचा शिवलिंग, अगस्त्य मुनि के मुख से जल अवतरण, राम दरबार, हनुमानजी के हदय से सियाराम के दर्शन, बंदर के संग करतब दिखाता मदारी की झांकी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। सैनिक वेशभूषा, नीले अश्व, धारा 370 हटाये जाने की खुशी में कश्मीर की पहाड़ियों के बीच लहराते तिरंगा, आग उगलते ड्रेगन के सेल्फी कार्नर भी बनाये गए है।
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