मायावती ने मोदी सरकार को रोजगार और विकास के मुद्दे पर फिर घेरा
नई दिल्ली, 07 जून 2019: लोकसभा चुनाव में ज्यादा सफलता नहीं मिलने के बाद अब बसपा अध्यक्ष मायावती ने बेरोजगारी और देश की अर्थव्यवस्था के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री को फिर घेरा है। मायावती ने बृहस्पतिवार को ट्वीट के जरिए देश की अर्थव्यवस्था में सुस्ती और बेरोजगारी के स्तर में बढ़ोत्तरी को लेकर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि जनता के पास अब पछताने के सिवा और कुछ नहीं है।
मायावती ने ट्विटर पर दिया बयान:
श्रम मंत्रालय ने लोक सभा चुनाव के बाद अब अपने आंकड़े से इस बुरी खबर को प्रमाणित कर दिया है कि देश में बेरोजगारी की दर पिछले 45 सालों में सबसे अधिक 6.1 फीसद पर जा पहुंची है। परंतु गरीबी व बेरोजगारी के शिकार करोड़ों लोगों द्वारा अब पछताने से क्या होगा जब चिड़िया चुग गई खेत?
- मायावती, राष्ट्रीय अध्यक्ष-बसपा
उन्होंने कहा कि श्रम मंत्रालय ने लोकसभा चुनाव के बाद अब अपने आंकड़ों से इस बुरी खबर को प्रमाणित कर दिया है कि देश में बेरोजगारी की दर पिछले 45 सालों में सबसे अधिक 6.1 प्रतिशत पर जा पहुंची है। परन्तु गरीबी और बेरोजगारी के शिकार करोड़ों लोगों द्वारा अब पछताने से क्या होगा जब चिड़िया चुग गई खेत। यानि देश में लोकसभा चुनाव हो चुका है और जनता ने मोदी के पक्ष में वोट दिया।
मायावती ने कहा ‘देश के लिए यह भी अच्छी खबर नहीं है कि भारत के आर्थिक विकास की दर घट कर 5.8 पर होकर काफी नीचे चली गई है। जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) विकास की यह दर कृषि व फैक्ट्री उत्पाद में भारी गिरावट का परिणाम है। पहले से ही काफी पस्त देश की गरीब जनता के जीवन का सही कल्याण कैसे होगा।’ पिछले वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की दर घटकर 5.8 प्रतिशत पर आ गयी है। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 7.2 प्रतिशत के जीडीपी ग्रोथ रेट का लक्ष्य रखा गया था जो 0.04 फीसदी से पिछड़ गया है। बेरोजगारी और जीडीपी के आंकड़े दो दिन पहले ही अधिकारिक तौर पर सरकारी महकमों ने जारी किए हैं।







