फिट इंडिया का सन्देश

0
133
डॉ दिलीप अग्निहोत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले योग को वैश्विक स्वीकृति दिलाई, अब उन्होंने फिट इंडिया का सन्देश दिया है। वैसे नरेंद्र मोदी ने यह कोई नया कार्य नहीं किया है। वैदिक काल से ही हमारे ऋषि स्वास्थ के प्रति जागरूकता का सन्देश देते रहे है। उन्होंने जीवेत शरदः शतम अर्थात सौ वर्ष तक जीवित रहने की कामना की। यह केवल अधिक जीवित रहने की इच्छा नहीं थी। बल्कि उल्लास और स्वास्थ्य की अभिलाषा भी थी।
योग का प्रादुर्भाव भी इसी कामना से हुआ। जिसमें आचार और विहार को भी सम्मलित किया गया। इतना ही नहीं इससे विचारों में भी सकारात्मकता आ जाती है। ऐसे विचारों का केवल व्यक्तिगत ही नहीं समाज का भी लाभ होता है। सभी के सुख और निरोग रहने विचार भारत के ऋषियों ने दिया था। यह शाश्वत सत्य था। लेकिन सदियों की दासता ने इन विचारों का महत्व कम किया। इनका जीवनशैली में स्थान नहीं रह गया। नरेंद्र मोदी ने इस विषय को पुनः समाज जीवन में स्थापित करने का प्रयास किया है। इसकी शुरुआत उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक मान्यता दिलाने के साथ कि थी।
मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव किया था। इस पर संयुक्त राष्ट्र संघ में सर्वाधिक कम समय में सर्वाधिक देशों के समर्थन का रिकार्ड बन गया था। यह उम्मीद करनी चाहिए कि उनका फिट इंडिया विचार भी निकट भविष्य में वैश्विक आंदोलन बन जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी के कदमों को प्राथमिकता देते है।
उन्होंने केंद्र सरकार की सभी योजनाओं को उत्तर प्रदेश में लागू किया। इससे प्रदेश के करोड़ों लोगों को सीधा लाभ मिला है। इतना ही नहीं कई योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश को प्रथम स्थान भी हासिल हुआ है। जब से योगी आदित्य  नाथ मुख्यमंत्री बने है, तब से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे प्रदेश में अभियान के रूप में मनाया जाता है। योगी योग समारोह में स्वयं भी योग करते है।
नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर फिट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत की थी। उन्होंने उन्होंने मेजर ध्यानचंद को याद किया। कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट हेल्दी इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बॉडी फिट है तो माइंड हिट है। फिटनेस के लिए इन्वेस्टमेंट तो जीरो है लेकिन इसमें रिटर्न शत प्रतिशत है। इस अभियान का मकसद लोगों को फिट रहने के लिए जागरूक बनाना है। मोदी ने मन की बात में भी फिट इंडिया की चर्चा की थी। वह चाहते है कि फिटनेस एक जन आंदोलन बने।
फिटनेस में खेलों के प्रति पिछले कुछ वर्षों में बेहतर माहौल बना है। इसका लाभ दिखाई दे रहा है।
फिटनेस स्वस्थ और समृद्ध जीवन की एक जरूरत है। हमारी संस्कृति में फिटनेस पर जोर दिया गया है। यह हमारे जीवन का सहज हिस्सा रही है। हमारे पूर्वजों ने कहा है कि व्यायाम से ही स्वास्थ्य, लंबी आयु और सुख मिलता है। स्वस्थ रहने से सभी कार्य सिद्ध होते हैं, अब सुनने को मिलता है कि स्वार्थ से ही सभी कार्य सिद्ध होते हैं। इसलिए स्वार्थ से स्वस्थ के भाव का कार्य जरूरी हो गया है। फिटनेस के प्रति उदासीनता दूर करनी होगी। जीवनशैली में बदलाव करना होगा। इसमें व्यायाम,योग और टहलना शामिल करना होगा।
बदलावों के लिए प्रेरित करना ही फिट इंडिया मूवमेंट है। व्यायाम और फिटनेस रोजमर्राकी जिंदगी में चर्चा का विषय बनना चाहिए।
नए भारत का हर नागरिक फिट रहे, तभी देश आगे बढ़ेगा। मजबूत लक्ष्य तय करने पर दिनचर्या वैसी बन जाती है। अगर कोई पैदल चलने और स्वास्थ्य को लेकर जागरूक है तो ड्रग्स से दूर रहेगा। स्वामी विवेकानंद कहते थे कि जीवन में कोई लक्ष्य हो तो जीवन संतुलित हो जाता है।
इस अभियान का पहला वर्ष शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर केंद्रित रहेगा। दूसरे वर्ष में पौष्टिक भोजन और खाने की आदतों पर ध्यान दिया जाएगा। तीसरे वर्ष में पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली पर जोर दिया जाएगा। चौथा वर्ष स्वस्थ जीवन शैली की आदतें, स्वास्थ्य के अनुकूल चीजें और सेवाओं को आदत में शामिल करने पर केंद्रित रहेगा। फिट इंडिया मूवमेंट के लिए अलग से सचिवालय बनाने का प्रस्ताव भी है। पहले महीने में वॉकथान, साइकिल और चेकअप कैंप से शुरुआत होगी सभी शिक्षण संस्थानों में खेल प्रतिभाओं के साथ वॉकथान, साइकिल रैली आयोजित होंगी और चेकअप कैंप लगाए जाएंगे।
दूसरे महीने में कस्बा, जिलों में स्कूल और यूनिवर्सिटी में हर स्तर पर खेल इवेंट होंगे। इसमें सभी छात्रों को शारीरिक गतिविधि में शामिल होना जरूरी होगा। तीसरे महीने में सोशल मीडिया के जरिए फिटनेस क्लब बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे हर हफ्ते शारीरिक गतिविधियों में परिवार और दोस्तों को शामिल कर सकें। चौथे महीने में खेल मैदानों को तैयार करने पर काम होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here