उरई, 27 अप्रैल 2019: सत्ता का ऊंट कब किस करवट बैठेगा यह आज तक कोई समझ नहीं पाया है! सत्ता के दो पुराने दुश्मन एक हो गए हैं और आज राजनीति में महागठबंधन के बीच एक दूसरे की तारीफें गढ़ रहे हैं।इसी कड़ी में जनपद के उरई मुख्यालय में बसपा प्रमुख मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने महागठबंधन के प्रत्याशी के पक्ष में संयुक्त जनसभा की। जनसभा में दोनों पार्टियों के अध्यक्षों ने भाजपा व कांग्रेस पर जमकर हमला बोला, उन्होंने जहां कांग्रेस के घोषणा पत्र को हवा हवाई कहा तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुये उन्हें पिछड़े वर्ग का विरोधी बताया।
सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी अजय सिंह पंकज के पक्ष में शुक्रवार को उरई के कोंच रोड स्थित मैकेनिक नगर में जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा को संबोधित करने के लिये बसपा सुप्रीमो मायावती व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हेलीकॉप्टर से जनसभा स्थल पर पहुंचे। जनसभा को संबोधित करते हुये बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुये कहा कि कांग्रेस की गलत नीतियों की वजह से ही बुंदेलखंड क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया है और इसी कारण यहां के लोगों को रोजगार की तलाश के लिए पलायन करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी भाजपा की तरह जुमलेबाजी पर उतर आई है। कांग्रेस का घोषणा पत्र हवा हवाई है। उन्होंने कहा कि 6 हजार रुपये से किसी की गरीबी दूर नहीं होगी। उन्होंने कहा कि दोनों ही पार्टियां जनता के साथ छलावा करने का कार्य कर रही हैं। वहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोलते हुये कहा कि नरेन्द्र मोदी जन्मजात पिछड़े नहीं हैं बल्कि गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद सत्ता का सुख पाने के लिये
उन्होंने खुद को पिछड़ा घोषित कर दिया। उन्होंने सपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह की तारीफ करते हुये कहा कि मुलायम सिंह और अखिलेश यादव पिछड़ों का दर्द समझते हैं और वही पिछड़ों के सच्चे हितैषी हैं। जनसभा में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि देश में परिवर्तन की लहर है और अब नया प्रधानमंत्री बनेगा।
उन्होंने भाजपा के बारे में बोलते हुए कहा कि भाजपा जुमलेबाजों की पार्टी है। वहीं उन्होंने किसानों के दर्द पर मरहम लगाते हुए कहा कि सरकार बनते ही बुंदेलखंड में अन्ना पशु समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर चुटकी लेते हुए कहा कि हमने लोगों को लैपटॉप दिए जबकि बाबा जी नहीं दे रहे हैं क्योंकि वो खुद लैपटॉप चलाना नहीं जानते। दोनों पार्टियों के मुखिया ने गठबंधन के प्रत्याशी को वोट देने की अपील की।






