Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Friday, November 6
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Hot issue

    संसद भवन को थी विश्राम की जरूरत

    ShagunBy ShagunDecember 10, 2020 Hot issue 1 Comment4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 631

    डॉ दिलीप अग्निहोत्री

    समय का चक्र निरन्तर चलता है। इसके अनुरूप परिवर्तन होते है। नए निर्णय करने होते है। वर्तमान संसद भवन के साथ भी यह बात लागू होती है। पिछले अनेक वर्षों से नए भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। संसद के इस भवन में विस्तार सँभवन नहीं था। प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठीक कहा कि वर्षो से इस पर चर्चा चल रही थी। नए संसद भवन की जरूरत महसूस की गई है। ऐसे में हम सभी का दायित्व है कि इक्कीसवीं सदी के भारत को एक नया संसद भवन मिले। इसी कड़ी में ये शुभारंभ हो रहा है। संसद के शक्तिशाली इतिहास के साथ ही यर्थाथ को स्वीकारना उतना ही आवश्यक है। यह इमारत अब करीब सौ साल की हो रही है। बीते वर्षों में इसे जरूरत के हिसाब से अपग्रेड किया गया। कई नए सुधारों के बाद संसद का ये भवन अब विश्राम मांग रहा है।

    आजादी के 75 वर्ष का प्रतीक:

    नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज इंडिया गेट से आगे नेशनल वॉर मेमोरियल ने नई पहचान बनाई है, वैसे ही संसद का नया भवन अपनी पहचान स्थापित करेगा। आने वाली पीढ़ियां नए संसद भवन को देखकर गर्व करेंगी कि ये स्वतंत्र भारत में बना है। आजादी के पचहत्तर वर्ष का स्मरण करके इसका निर्माण हुआ है।

    नए भवन की आवश्यकता:

    पूर्व महासचिव योगेंद्र नारायण ने उचित कहा कि मौजूदा बिल्डिंग की अपनी सीमाएं हैं। जिसकी वजह से इसमे बदलाव नहीं किया जा सकता है। इसमे आधुनिक बदलाव वगैरह नहीं किए जा सकते हैं। मौजूदा बिल्डिंग में सुरक्षा, आधुनिक तकनीक, भूकंपरोधी जैसे अहम सुरक्षा के मानकों की कमी है। जिसकी वजह से नई बिल्डिंग के निर्माण की जरूरत महसूस की गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने भी कहा था कि मौजूदा संसद भवन देश की पुरात्तव संपत्ति है, जिसे संरक्षित रखने की जरूरत है। पहले आम चुनाव के बाद इसे संसद का रूप दिया गया और यहां चार सौ इकसठ सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई। फिर इसे साढ़े पांच सौ तक बढ़ाया गया। करीब छह वर्ष बाद पुनः सदस्य संख्या बढ़ सकती है। तब लोकसभा सीटों की संख्या नौ सौ तक पहुंच सकती है। संयुक्त अधिवेशन आदि के लिए केंद्रीय कक्ष, चौबीस संसदीय समितियों के पृथक जगह भी पर्याप्त नहीं थी। लोकसभा सचिवालय में दो हजार से अधिक और राज्यसभा सचिवालय में बारह सौ से अधिक कर्मचारी अधिकारी हैं।

    रखरखाव खर्च:

    वर्तमान संसद भवन पुराना होता जा रहा है। इसकी इमारत की मरम्मत और रखरखाव पर प्रतिवर्ष पच्चीस करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते है।

    आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक:

    नरेंद्र मोदी ने कहा कि नया संसद भवन आत्मनिर्भर भारत का गवाह बनेगा। पुराने संसद भवन का महत्व भी कायम रहेगा। इस भवन ने स्वतंत्रता के बाद के भारत को दिशा दी। पुराने संसद भवन में देश की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए काम हुआ। तो नए भवन में इक्कीसवीं सदी के भारत की आकांक्षाएं पूरी की जाएंगी। नए संसद भवन में ऐसी अनेक नई चीजें की जा रही हैं जिससे सांसदों की एफिशियंसी बढ़ेगी, उनके वर्क कल्चर में आधुनिक तौर तरीके आएंगे।

    भारत के संस्कार में लोकतंत्र:

    प्राचीन भारत में राजा भी प्रजा हित की शपथ लेता है। आमजन के विचारों को शासन के स्तर पर महत्व दिया जाता था। प्राचीन भारत में लोकतंत्र व गणतंत्र के अनेक उदाहरण है। वैदिक काल में सभा समिति जैसी विधाई संस्थाएं थी। राजा इसके प्रति उत्तरदायी होते थे। नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र एक संस्कार है। भारत के लिए लोकतंत्र जीवन मूल्य है,जीवन पद्धति है, राष्ट्र जीवन की आत्मा है। भारत का लोकतंत्र, सदियों के अनुभव से विकसित हुई व्यवस्था है। भारत के लिए लोकतंत्र में,जीवन मंत्र भी है, जीवन तत्व भी है और साथ ही व्यवस्था का तंत्र भी है।

    Shagun

    Keep Reading

    इंस्पेक्टर के बंद घर में चोरों का दुस्साहस: जेवर-नकदी लूटे, महंगी शराब गटककर पार्टी मनाई

    रामनगरी के दीपोत्सव की भव्यता पर टिकी निगाहें, 10वें आयोजन को यादगार बनाने की तैयारी

    Earth is constantly moving forward through space; along with the Sun, we too are continuing our journey through the galaxy.

    अंतरिक्ष में लगातार आगे बढ़ रही है पृथ्वी, सूर्य के साथ हमारी भी जारी है आकाशगंगा की यात्रा

    Sharmila Nasarpuri Memorial Clinic inaugurated in Sarojini Nagar; free health camp proves successful

    सरोजनी नगर में शर्मिला नसरपुरी मेमोरियल क्लिनिक का शुभारंभ, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर सफल

    Following a controversial statement, Bageshwar Baba Dhirendra Shastri fled the scene to save himself, leaving his religious discourse (katha) behind; a video of the incident has gone viral.

    विवादित बयान के बाद बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री को कथा छोड़कर जान बचाकर भागे, वीडियो वायरल

    Ghazipur: Police raid within just 2 hours! Officers pursued the suspects behind a jewelry store robbery and opened fire; 2 suspects injured.

    गाजीपुर: सिर्फ 2 घंटे में दबिश! सर्राफा लूटने वाले बदमाशों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर मारी गोली, 2 घायल

    1 Comment

    1. Josie Hubbert on December 12, 2020 5:48 pm

      wonderful

      Reply
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts

    इंस्पेक्टर के बंद घर में चोरों का दुस्साहस: जेवर-नकदी लूटे, महंगी शराब गटककर पार्टी मनाई

    November 6, 2026
    Trump's Stern Ultimatum to Iran: 'Complete Surrender' on Nuclear Missiles—or an Attack?

    अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के परिणामों पर ईरान का कड़ा रुख, तेहरान ने समझौते की उम्मीदों पर फेरा पानी

    November 6, 2026

    रामनगरी के दीपोत्सव की भव्यता पर टिकी निगाहें, 10वें आयोजन को यादगार बनाने की तैयारी

    November 6, 2026
    It is Diwali in the country, but a difficult phase has begun for Trump...

    देश में दीपावली लेकिन ट्रम्प का बुरा दौर शुरू हो चुका है…

    November 6, 2026

    सियासी द्वेष या सपा से आज़म को अलग करने की ज़िद!

    November 6, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading