रेहान राजीव वाड्रा कांग्रेस के अगले राजकुमार
नवेद शिकोह
गांधी परिवार की अगली नस्ल भी सियासत मे आने को बेचैन नज़र आ रही है। देश के सबसे बड़े इस सियासी घराने मे एक नयी कड़ी की ब्रांडिंग की तैयारी शुरु हो गयी है। कांग्रेस निराशा के दौर से ग़ुज़र रही है, राहुल गांधी अध्यक्ष पद छोड़ने की जिद पकड़े हैं। इस कशमकश के बीच कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वाड्रा गांधी के पुत्र रेहान की गुफ्तगू बता रही है कि वो जल्द सियासत मे उतरने की तैयारी मे हैं। उन्होने अपनी उम्र का 18वां वर्ष पूरा कर लिया और उन्नीसवें साल मे प्रवेश किया है। वो बालिग़ होते ही सियासत मे पड़ गये हैं। सियासी बयान देने लगे हैं। पब्लिक डोमेन मे राजनीतिक टिप्पणियां कर रहे हैं। कांगेस का बचाव कर रहे हैं। भाजपा सरकार की आलोचना कर रहे हैं। सवाल कर रहे हैं और उंगलियां उठा रहे हैं। बिल्कुल विपक्षी नेता की तरह।उनका मुख्य फोकस कांग्रेस आलाकमान यानी अपनी माता प्रियंका वाड्रा गांधी और मामा राहुल गांधी का पक्ष रखना भी होता है। हांलाकि उनकी पोस्ट में रिश्तों से जुड़ी कुछ निजि बातें भी नजर आती हैं।
सोशल मीडिया के प्लेटफार्मस पर वो खूब एक्टिव दिखते हैं। रेहान वाड्रा के नाम से पेज बना है। जिसपर समय-समय पर पर खूब सियासी बातें मुखरित होती हैं।
छात्र रेहान खुद सोशल मीडिया पर इतना एक्टिव रहते होंगे और सियासत की इतनी गहरी बातें हिंदी टाइप करके लिखते होंगे, इस बात का यक़ीन करना थोड़ा मुश्किल है।अनुमान लगाया जा सकता है कि गांधी परिवार की इस नयी-ताज़ी और अगली कड़ी की ब्रांडिंग करनी शुरू कर दी गई है।
प्रोफेशनल तरीके से सोशल मीडिया मे रेहान वाड्रा नाम का पेज विकसित किया जा रहा है। ये पेज अधिक से अधिक लोगों तक पंहुचाने के प्रोफेशनल तरीके इस्तेमाल हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर ही चर्चा है कि प्रियंका वाड्रा पुत्र को जनता के बीच पहचान दिलाने की रणनीति के तहत आईटी पेशेवरों और क्रिएटिव व सियासी जानकार की एक टीम काम कर रही है। लाखों लोग रेहान वाड्रा पेज को लाइक करते हैं। इसकी हर पोस्ट पर हजारों टिप्पणियां आती हैं। सैकड़ों लोग इस पेज की पोस्ट शेयर करते हैं।
ये सब देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि कांग्रेस को गांधी परिवार की अगली पीढ़ी का साथ मिलने वाला है। पार्टी को एक नया राजकुमार मिल सकता है। देहरादून के दून कालेज मे पढ़ाई कर रहे रेहान एक अच्छे शूटर भी है। उनकी निगाहें और निशाना सियासत की तरफ साफ नजर आ रहा है। मामा राहुल गांधी के रोड शो के अलावा तमाम राजनीतिक प्लेटफार्म और गतिविधियों में मां प्रियंका के साथ रेहान अकसर देखे गये हैं।
गांधी परिवार मे बेटी के वंश ने ही सियासत की विरासत को आगे बढ़ाया है। नेहरू/गांधी परिवार के अगले वारिस रेहान के स्कूल का नाम पहले रेहान वाड्रा था फिर रेहान राजीव वाड्रा करवा दिया गया। ऐसी चर्चा ने इस बात को और भी बल दे दिया कि प्रियंका वाड्रा के पुत्र के लिए सियासी सेज सजाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। स्वर्गीय इंदिरा गांधी और स्वर्गीय राजीव की हत्या के बाद गांधी/नेहरू परिवार की अगली पीढ़ी को सुरक्षा के मद्देनजर छिपा के रखने का रिवाज बन गया था। लेकिन ये मजबूरी है वक्त का तकाजा जो रेहान वाड्रा को 19वें साल ही पब्लिक डोमेन पर खड़ा करके भविष्य की रणनीति का तानाबाना बुनना शुरू कर दिया गया है।







