नई दिल्ली, 08 फरवरी 2019: चुनाव नजदीक आते ही बसपा प्रमुख मायावती के लिए बुरी खबर है सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि मायावती को लखनऊ और नोएडा में अपनी तथा बसपा के चुनाव चिह्न हाथी की मूर्तियां बनवाने पर खर्च किया गया सारा सरकारी धन लौटाना होगा। सीजेआई रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने एक अधिवक्ता की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।
इस मामले बता दें कि अधिवक्ता रवि कांत ने 2009 में दायर अपनी याचिका में दलील दी है कि सार्वजनिक धन का प्रयोग अपनी मूर्तियां बनवाने और राजनीतिक दल का प्रचार करने के लिए नहीं किया जा सकता। पीठ ने कहा, हमारा ऐसा विचार है कि मायावती को अपनी और अपनी पार्टी के चुनाव चिह्न की मूर्तियां बनवाने पर खर्च हुआ सार्वजनिक धन सरकारी खजाने में वापस जमा करना होगा।
हालांकि, पीठ ने कहा कि इस याचिका पर विस्तार से सुनवाई में वक्त लगेगा। इसलिए इसे दो अप्रैल को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाता है। मायावती के वकील ने मामले की सुनवाई मई के बाद करने की अपील की, लेकिन कोर्ट ने यह अनुरोध स्वीकार नहीं किया।






