यूपी में क्या प्रियंका कर पाएंगी मैजिक?

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राहुल के साथ उनकी रैलियां कराने पर हो रहा मंथन

नई दिल्ली, 27 जनवरी 2019: एक बात तो साफ़ हो गयी है वह यह कि प्रियंका वाड्रा के आने से कांग्रेस में उत्साह, जोश और जीत का जूनून है कार्यकर्ताओं में जी जान लगाने की हिम्मत और बढ़ गयी है लोगों में अब लोकसभा चुनाव को लेकर कांटें की टक्कर गठबंधन को लेकर दिखने लगी है।

प्रियंका गांधी को भले ही पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है, लेकिन पार्टी पूरे देश में उनके करिश्माई अंदाज को भुनाने का काम करेगी। पार्टी उनका उपयोग पूरे देश में कांग्रेस के पक्ष में फिजा बनाने में करेगी। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की चुनावी प्रबंधन टीम प्रियंका के देशव्यापी दौरे के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में जुटी है। उनका कार्यक्रम कुछ इस तरह तय किया जा रहा है कि वह उत्तर प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा समय दे सकें।

पार्टी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका की संयुक्त रैलियों की भी तैयारी में है। कांग्रेस नेताओं को भरोसा है कि प्रियंका के आने से केवल उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनेगा और इसका फायदा पार्टी को चुनाव में मिलेगा। चुनावी रणनीति की माहिर खिलाड़ी प्रियंका देश के अन्य राज्यों में समान विचारधारा वाले दलों को कांग्रेस के साथ लाने के लिए भी काम करेगी। उत्तर प्रदेश में प्रियंका की कई रैलियां आयोजित कराने की तैयारी पर काम चल रहा है।

इसके अलावा मीडिया ख़बरों के अनुसार कांग्रेस के चुनावी पंडित इस संभावना पर भी विचार कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में राहुल और प्रियंका की एक साथ रैली करायी जाए। इस पर अभी निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन देश के अन्य राज्यों में दोनों एक साथ कई रैलियों को संबोधित करेंगे। प्रियंका में इंदिरा की छवि का जोर शोर से प्रचार कर जातिगत समीकरणों से इतर नए समीकरण की इबारत लिखे जाने की तैयारी है। पार्टी देश के दक्षिण और पूर्वी भागों में प्रियंका के बूते मजबूत संभावनाओं को तलाशने का काम करेगी।

सूत्रों के अनुसार, आगामी लोकसभा चुनाव के प्रबंधन की कमान प्रियंका के हाथ में रहेगी और मोदी मैजिक को कैसे कम किया जाये इसकी रणनीति तैयारी की जायेगी। कहा जा रहा है कि अपनी रैलियों में प्रियंका गांधी अपनी दादी इंदिरा गांधी के भाषणों के सहारे लोगों को यह बताने का काम करेगी कि कैसे उन्होंने देश की मजबूती के लिये अपने जीवन का बलिदान किया।

प्रियंका पाकिस्तान विभाजन के दौरान इंदिरा गांधी की भूमिका से लोगों को यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि कांग्रेस के हाथ में ही देश की कमान सुरक्षित है। पार्टी की योजना है कि पूरे देश में उन्हे घुमाकर इंदिरा गांधी की यादों को ताजा किया जाए। अच्छे दिन के मोदी के नारे पर पलटवार कर प्रियंका राजग सरकार को कटघरे में खड़ा करेगी। 

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