फरीदाबाद, 25 फरवरी। हरियाणा के सभी सरकारी स्कूलों में अब प्रार्थना के दौरान गायत्री मंत्र का भी जाप किया जाएगा। इसको लेकर हरियाणा के शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी किया है। शिक्षा निदेशालय के आदेश को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, “शिक्षा का स्तर कैसे ऊंचा हो, शिक्षा में नैतिकता कैसे आए, कैसे उसमें संस्कार डाले जाएं, उस नाते बहुत से विषयों पर शिक्षा विभाग ने विचार किया”।
गंभीरता से विचार करने के बाद शिक्षा विभाग ने यह फैसला किया कि सभी सरकारी स्कूलों में सुबह की प्रार्थना में गायत्री मंत्र का जाप किया जाएगा। मनोहर लाल खट्टर जब से हरियाणा के मुख्यमंत्री बने हैं तब से कभी गाय तो कभी गीता को लेकर चर्चा होती रही है। गीता के कई श्लोकों को हरियाणा शिक्षा विभाग ने सिलेबल का हिस्सा भी बनाया है। गीता को स्कूल सिलेबस में शामिल करने के बाद सरकार ने घोषणा की थी कि आने वाले दिनों में योगा को भी अनिवार्य बना जाएगा।
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी निर्देश में कहा है कि सभी सरकारी स्कूलों में प्रार्थना की शुरुआत गायत्री मंत्र के साथ होगी और राष्ट्रगान के साथ प्रार्थना खत्म होगी। करीब 20 मिनट की प्रार्थना में रोजाना गायत्री और राष्ट्रगान को नियमानुसार जरूर शामिल करवाएं। सभी सरकारी स्कूलों में एक जैसी प्रार्थना कराई जाए। अभी तक अलग-अलग सरकारी स्कूलों में अलग-अलग पार्थना होती थी। प्रार्थना के लिए ‘हमको मन की शक्ति देना’ चुना गया है। प्रार्थना के दौरान किसी भी वक्त औचक निरीक्षण हो सकता है। इसलिए सभी स्कूल नियमों की पालना करें।
इस बाबत हरियाणा सरकार विधानसभा में एक प्रस्ताव लेकर आएगी। विधानसभा सत्र 5 मार्च से शुरू हो रहा है। उम्मीद की जा रही है कि विधानसभा सत्र के तुरंत बाद गायत्री मंत्र को लेकर हरियाणा सरकार नोटिफिकेशन जारी करेगी। नोटिफिकेशन जारी करते ही प्रार्थना के साथ गायत्री मंत्र का जाप और राष्ट्रगान गाना अनिवार्य बन जाएगा। इस पूरे मामले को लेकर हरियाणा के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा से जब पूछा गया कि वंदे मातरम और राष्ट्रगान को लेकर अभी भी कई जगहों पर विवाद खड़े हो जाते हैं। ऐसे में राष्ट्रगान और गायत्री मंत्र को सरकार कैसे लागू करवा पाएगी? जवाब में उन्होंने कहा कि हरियाणा में ऐसी कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जब हम सत्ता में आए तो गीता श्लोक को सिलेबस में शामिल किया। लोगों ने इसे आसानी से कबूल किया और इसके नतीजे काफी सकारात्मक रहे हैं।







