आतंकवाद निरोधक अभियानों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए होगी तैनाती
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 100 और कंपनियां घाटी में भेजे जाने की संभावना
नई दिल्ली,29 जुलाई 2019: कश्मीर में क्या कुछ बड़ा होने वाला है ये आशंका लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही है! खबर के अनुसार कश्मीर दौरे से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के लौटने के बाद केंद्र ने वहां आतंकवाद निरोधक अभियानों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों के करीब दस हजार कर्मियों को भेजने का आदेश दिया है। इससे घाटी में सियासी हलचल तेज हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 25 जुलाई को तत्काल केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 100 कंपनियां कश्मीर घाटी में तैनात करने का आदेश दिया है। अधिकारियों ने कहा कि 100 और कंपनियां घाटी में भेजे जाने की संभावना है। एक कंपनी में करीब 100 कर्मी होते हैं।
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उन्होंने बताया कि ये इकाइयां सीआरपीएफ (50 कंपनियां), एसएसबी (30 कंपनियां) और आईटीबीपी एवं बीएसएफ से (10-10 कंपनियां) ली जाएंगी।अधिकारियों के अनुसार इन कर्मियों को कश्मीर घाटी में आतंकवाद निरोधक ग्रिड को मजबूती प्रदान करने और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए तैनात किया जाएगा। उन्हें विमानों और ट्रेनों से पहुंचाया जा रहा है।

समझा जाता है कि नई इकाइयां घाटी में पहले से तैनात सुरक्षाबलों का हाथ मजबूत करेंगी, जो वार्षिक अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं और रोजाना आतंकवाद निरोधक अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार नई तैनाती से राज्य में विधानसभा चुनाव कराने में भी मदद मिलेगी, जो किसी भी समय होने की संभावना है। ये जवान घाटी में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की करीब 65 नियमित बटालियनों और यात्रा के सुचारू संचालन के लिए तैनात अन्य बलों की 20 अन्य बटालियनों के अतिरिक्त होंगे। यात्रा 15 अगस्त को समाप्त होगी। एक बटालियन में करीब 1000 कर्मी होते हैं।
बता दें कि फरवरी में पुलवामा हमले के बाद भी केंद्र ने जम्मू-कश्मीर में पैरा-मिलिट्री की 100 अतिरिक्त कंपनियां भेजी थीं। कश्मीर में जवानों की 100 और कंपनियां भेजी जा रही हैं। एक कंपनी में 100 जवान होते हैं। इन्हें विमानों और ट्रेनों से पहुंचाया जा रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी हाल में घाटी का दौरा किया था।







