सुप्रीम आदेश के खिलाफ सुप्रीम आंदोलन का आगाज

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संत रविदास महाराज के मंदिर के गिराए जाने के विरोध में दिल्ली में विशाल प्रदर्शन
नई दिल्ली,21 अगस्त 2019: आज दिल्ली में नीले रंग के आक्रोश के बादल छाये रहे और ‘जय भीम’ के नारों से वातावरण गुँजायमान रहा। कई राज्यों से आये हजारों लोगों ने सुप्रीम आदेश के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
लगभग 5 सौ साल से एक बड़े समुदाय के आस्था का केंद्र रहे संत शिरोमणि का मंदिर जो तुगलकाबाद में स्थित था, (आस्था के साथ वो अपने आप में एक इतिहास भी समेटे हुए था।)
करोड़ों लोगों के इस आस्था के केंद्र को डीडीए का ग्रहण लग गया। डीडीए ने सुप्रीम कोर्ट में इस मंदिर परिसर को अपनी जागीर बताकर उसके आदेश से एक संवेदनहीन और सख्त कारर्वाई कर उस आस्था के केंद्र को बिना कुछ सोचे समझे इसी दस अगस्त को तुड़वा दिया था।
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 भीम आर्मी, आप, जन अधिकार पार्टी समेत कई राजनीतिक और गैर राजनीतिक दलों के सदस्य और पदाधिकारियों ने दिल्ली में आंदोलन के आगाज का हिस्सा बने। झंडेवालान से रामलीला मैदान तक प्रदर्शन किया। अभी देर शाम तक आंदोलन भड़का तो पुलिस ने हल्का बल का प्रयोग किया।
इस आंदोलन की चिंगारी दूर तलक जा रही है। पंजाब के बाद हिमाचल प्रदेश में भी आंदोलन तीव्र हो गया।
राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में रेंगते- रेंगते तीव्रता की ओर अग्रसर होने की सुगबुगाहट दिख रही है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि संबंधित जमीन दलित समुदाय को सौंप दी जाए और मंदिर दोबारा बनवाया जाए।
 इस प्रदर्शन में दिल्ली के सामाजिक न्याय मंत्री राजेंद्र पाल गौतम, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद और इस समुदाय के आध्यात्मिक नेता समेत हजारों लोग मौजूद रहे।
सुप्रीम कोर्ट की बात:
दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन से पहले 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रविदास मंदिर को तोड़ने का विरोध कर उसके आदेश को किसी के द्वारा भी ‘सियासी रंग’ नहीं दिया जाना चाहिए. जस्टिस अरुण मिश्रा और एम आर शाह की पीठ ने कहा, “सब कुछ राजनीतिक नहीं हो सकता. हमारे आदेशों को धरती पर किसी के द्वारा सियासी रंग नहीं दिया जा सकता।”
ये प्रदर्शन समुदाय के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ:
विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे दिल्ली के सामाजिक न्याय मंत्री राजेंद्र पाल गौतम का कहना है कि ये समुदाय के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ है न कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ।
‘मैं यहां समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं न कि दिल्ली सरकार के मंत्री के तौर पर आया हूँ। हम सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर का सम्मान करते हैं लेकिन केंद्र सरकार को ये बताना चाहिए कि आखिर देशभर में दलित समुदाय और उनसे जुड़ी मूर्तियों और बाबा साहेब की मूर्तियों को क्यों तोड़ा जा रहा है?
राजेंद्र पाल गौतम: सामाजिक न्याय मंत्री, दिल्ली सरकार
वहीं बीजेपी नेता विजय गोयल ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है।
– राहुल कुमार गुप्त की रिपोर्ट 

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