- अमित शाह ने इसके राजनीतिक दुरुपयोग की आशंका को किया खारिज कहा, समय आ गया है कि एक के बाद एक संस्था बदलने वालों को आतंकवादी घोषित किया जाए, व्यक्ति विशेष भी घोषित किया जा सकेगा आतंकी
नई दिल्ली,25 जुलाई 2019: लोकसभा में पास हुए आतंक विरोधी बिल से आने वाले दिनों में एनआईए न सिर्फ व्यक्ति विशेष को भी आतंकवादी घोषित कर सकेगी। बल्कि आतंकवादियों की संपत्ति भी जप्त कर सकेगी इसके साथ ही उनकी मदद करने वालों को भी आतंकी घोषित किया जा सकेगा। बुधवार को लोकसभा से पास हुए गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (UAPA) में संशोधन बिल में यह प्रावधान किया गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने विधेयक पर दो दिन तक चली बहस का जवाब देते हुए बुधवार को लोकसभा में कहा कि इसके राजनीतिक दुरुपयोग की आशंका को खारिज कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति विशेष को गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के दायरे में लाना जरूरी था, इसीलिए सरकार को गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2019 लाना पड़ा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद सिर्फ बंदूक से जन्म नहीं लेता। जो उसका अपप्रचार करता है, वह भी आतंकवादी है।
जो लोग वैचारिक आंदोलन का चोला पहनकर शहरी नक्लवाद को बढ़ावा दे रहे हैं उन पर सख्त करवाई होगी। – गृह मंत्री, अमित शाह
- महत्वपूर्ण प्रावधान आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने वाले, आतंकवादियों को तैयारी में मदद करने वाले, उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करने वाले और साहित्य एवं वैचारिक प्रचार के जरिए आतंकवाद के सिद्धांत का प्रचार करने वालों को आतंकवादी घोषित किया जाएगा।
शाह ने आास्त किया, ‘इसमें बहुत सारी सावधानी बरती गई है कि इसका दुरुपयोग न हो। मैं आास्त करना चाहता हूं कि कानून सिर्फ और सिर्फ आतंकवाद को समाप्त करने के लिए है। समय आ गया है कि एक के बाद एक संस्था बदलने वालों को आतंकवादी घोषित किया जाए।’
इससे पहले कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने विधेयक को संसद की स्थायी समिति और संयुक्त प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की। उनकी मांग नहीं माने जाने पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया, जबकि शाह ने कहा कि विपक्षी दलों के सदस्य ‘‘वोट बैंक नाराज न हो इस भय से’ सदन से बाहर जा रहे हैं।







