नई दिल्ली, 09 मार्च। कानूनी जानकारी नहीं होने के कारण कई महिलाएं अत्याचार के खिलाफ आवाज नहीं उठा पातीं और उन्हें सहायता नहीं मिल पाती। ऐसी महिलाओं व दूसरे जरूरतमंद लोगों के लिए कानूनी सहायता पोर्टल खुद एक महिला उद्यमी ने शुुरू किया है। इसकी सेवा लेने के लिए बस इस पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करना है। यह काम ईमेल व मोबाइल की जानकारी देकर किया जा सकता है। कानूनी सहायता पोर्टल लाइवक्लिक.कॉम की खास बात है कि इसमें एक पैनिक बटन लगाया गया है, जिसके दबाने पर उस शख्स को पोर्टल के जरिये वकील फोन करेगा और कानूनी सलाह व सहायता मुहैया करवाएगा। पहली बार इस्तेमाल करने पर निशुल्क सहायता की जाएगी। पोर्टल अगले 12 माह तक गरीब व जरूरतमंद लोगों के 100 मामलों में निशुल्क सहायता मुहैया करवाएगा।
फोटो साभार: अमर उजाला
रोजाना कार्यस्थल पर यौन शोषण
पोर्टल शुरू करने वाली महिला उद्यमी अर्चना हून ने बताया कि राजधानी में महिलाओं के प्रति अपराधों की दर बेहद ज्यादा है और रोजाना कार्यस्थल पर यौन शोषण, घरेलू हिंसा व छेड़छाड़, तीन तलाक व वैवाहिक विवाद जैसे सामाजिक व आपराधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन वह इसके खिलाफ आवाज नहीं उठा पातीं। ऐसा उन्हें जानकारी न होने व वकील तक उनकी पहुंच न होना है। यह पोर्टल उनकी कानूनी जरूरतों के लिए सारी सुविधाएं मुहैया करवाएगा। राजधानी दिल्ली में पीछा करने के 669, तांक झांक के 41 व दुष्कर्म के 2155 मामले 2016-17 मे दर्ज किए गए थे। इनके अलावा पति व ससुराल वालों के हाथों प्रताड़ना व दहेज हत्या के मामले अलग हैं। महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों में 2016-17 में गत वर्ष की तुलना में 160 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।