- पप्पू यादव ने सरकार और नगर निगम पर लगाया हजारो करोड़ रूपए के घोटाले का आरोप
- कहा – कैग की रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट की निगरानी में हो CBI जांच, सरकार हो बर्खास्त
पटना, 24 अक्टबूर 2019 : पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बिहार में हुए विधान सभा उपचुनाव और महाराष्ट्र – हरियाणा विधान सभा चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि हर मर्ज की दवा एक नहीं होती। यह देश की जनता ने आज आये चुनावों के नतीजों से बताया दिया। लव जिहाद, 370, फर्जी राष्ट्रवाद और धार्मिक उन्माद देश की आम जनता का मुद्दा नहीं है। वहीं, बिहार में नीतीश कुमार को जनता की बददुआओं ने हराया है, तो विपक्ष ने कांग्रेस को उपचुनाव में दगा दे दिया। विपक्ष के लोगों ने कांग्रेस के लिए प्रचार तक करना जरूरी नहीं समझा। सिर्फ खानापूर्ती की गई।
उक्त बातें पप्पू यादव ने अपने पटना आवास पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही। दरअसल पप्पू यादव आज गत दिनो की भीषण बारिश के बाद राजधानी पटना में आयी जलप्रलय को लेकर प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी, जिसमें उन्होंने कैग की रिपोर्ट (रिपोर्ट की कॉपी संलग्न) के हवाले से बिहार सरकार और पटना नगर निगम पर हजारो करोड़ रूपए के घोटाले का आरोप लगाते हुए सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि साल 2006 से अब तक जनता के छह हजार करोड़ रुपये और 23 हजार करोड़ रूपए का 13 सालो मे घोटाला हुआ है। यह कैग की रिपोर्ट कह रही है। ऐसे में सरकार को एक मिनट भी बने रहने का अधिकार नहीं है।
जाप (लो) अध्यक्ष ने इस घोटाले की मांग हाईकोर्ट की निगरानी में CBI से कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने सरकार को भी बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब एक सिग्नेचर पर लालू प्रसाद यादव को इस्तीफा देना पड़ा था, तो आज यहां करोड़ों रूपए सरकार, ठेकेदार, माफिया और अधिकारी द्वारा लूट लिये गए हैं। ये कैग की रिपोर्ट कहती है।सारा खर्च सिर्फ कागजों पर हुए, यही वजह है कि न सीवरेज की व्यवस्था सही हुई और न ही अन्य जनोपयोगी कार्य पूरे हुए । उन्होंने पटना जल प्रलय पर सरकार द्वारा 13 दिन में चार करोड़ और बुडको द्वारा 2 दिनों मे 24 लाख रूपए का तेल पर खर्च किये जाने के दावे पर भी सवाल खड़े किये। उन्होंने पूछा कि आखिर ये पैसे खर्च कहां हुए, जबकि जनता आज भी हलकान है।







