Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, October 29
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    संविधान सम्मत और न्याय की कसौटी पर खरा है नागरिकता बिल-2019

    By December 10, 2019Updated:December 14, 2019 Current Issues No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 561

    राहुल कुमार गुप्त

    नागरिकता बिल में संशोधन समय-समय पर देश में होते रहे हैं किन्तु मोदी-2 सरकार का यह संशोधन न्यायिक पैमानों पर एकदम खरा साबित हो रहा है, जो भविष्य के भारत को मजबूती प्रदान करने के अलावा पड़ोसी मुस्लिम राष्ट्रों में पीड़ित अल्पसंख्यकों को मानव जीवन जीने के लिये मार्ग प्रशस्त करेगा। इस बिल पर विपक्ष द्वारा हंगामा धार्मिक उन्माद के अंधेरे में अपनी टूटी-फूटी सियासत को रफू करने जैसा है।

    इसी वजह से विपक्ष, सत्ता दल को धार्मिक आधार पर देश बाँटने का आरोप लगा रही है। देश, विपक्ष की मंशा से भली भाँति परिचित हो रहा है कि उसे देश की, न्याय की और मानवता की चिंता नहीं बल्कि इस बिल के आने से उनके वोट बैंक का खिसकाव बस नज़र आ रहा है। असल विरोध और हंगामा मात्र इसीलिये हो रहा है। पड़ोसी मुस्लिम राष्ट्रों बांग्लादेश, पाकिस्तान और बांग्लादेश में मुस्लिमों के साथ किसी प्रकार का कोई अत्याचार नहीं होता वो स्वतंत्र हैं अपने जीवन व रोजी रोटी के लिये किन्तु वहाँ के अल्पसंख्यकों ( हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाइयों ) के साथ हुए और हो रहे अत्याचारों से पूरा विश्व परिचित है।

    अपने पड़ोस की यह गंभीर समस्या सत्तर सालों से कांग्रेस व कुछ दशकों से उसके सहयोगी दलों को नहीं दिखी। वजह थी उनका एक ही समुदाय का तुष्टीकरण और उनका मजबूत वोटबैंक! और इसी वोटबैंक के खिसकने का बेफ़िजूल डर! धारा 370 का नासूर भी किसकी देन थी? यह देश और विश्व को भलीभाँति ज्ञात है। इस नासूर का सफल ऑपरेशन मोदी-2 सरकार में संभव हो पाया। उस पर भी विपक्ष ने ऐसी बयानबाजियाँ की जो देशहित को परे कर के दलहित तक सीमित हो गयीं।

    किन्तु बहुत दुर्बल पड़े विपक्ष को इस वक्त केवल दलहित के लिये वोटबैंक साधने की राजनीति तक ही सीमित रहना पड़ रहा है। राष्ट्रहित उसके लिये गौण सा हो चुका है। यहाँ नागरिकता बिल पर सियासत क्यों? जब गृहमंत्री ने विश्वास दिलाया की यह न्याय की प्रक्रिया पर समग्र रूप से खरा है। पड़ोसी मुस्लिम राष्ट्रों में दुर्भावना का शिकार नाॅन मुस्लिम ही हैं न कि मुस्लिम। इस बड़ी वजह को आधार मानकर शायद यह बिल अपने नये प्रारूप पर सदन में आया है। किंतु विपक्ष इसलिये चिंतित है कि ज्यादा मात्रा में शरणार्थी मुस्लिम ही हैं और उनके नागरिक बने रहने व बनने से उनके वोटबैंक में इजाफ़ा होगा। नागरिकता बिल-2019 स्वीकृत हो जाने पर पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल में शरणार्थी मुस्लिमों की संख्या में कमी आने के साथ विपक्ष के वोटबैंक में भी कमी आ जायेगी किन्तु नाॅन मुस्लिम के नागरिक बनने से कहीं न कहीं बीजेपी को भी कुछ लाभांश जरूर मिलेगा। एक तरफ सियासत का यह खेल भी जनता समझ रही है।

    लेकिन बीजेपी को कुछ वक्त का मिलने वाला लाभांश बड़ी मंशा नहीं है यहाँ तो बड़ा और न्यायिक निर्णय यही है कि गैर मुस्लिमों की दशा पड़ोसी मुस्लिम राष्ट्रों में कैसी है? क्या उन्हें मानवीय जीवन जीने को मिल रहा है? सत्तर सालों से वहाँ के अल्पसंख्यकों की आह, सत्तर सालों से सत्ता में रही कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों को नहीं सुनाई पड़ी। उधर बिना पाॅवर के उनकी आह और चीखें एक राष्ट्रीय दल खामोशी से सुनता रहा इस वक्त का इंतेजार करते हुए कि जब वो सत्ता में आयेंगे तो इन वंचितों के साथ न्याय जरूर करेंगे। और अपनी इस सकारात्मक मंशा को वो सफल करने के लिये बहुमत में हैं। 

    एक कारक यहाँ जरूर उन मुस्लिम शरणार्थियों को परेशान कर रहा होगा जो दशकों से तन-मन-धन से यहाँ रम गये हों। जिन्होंने इसी महान भारत को ही अपनी सरजमीं मान ली हो।

    रोजी-रोटी का अधिकार तो बिना मताधिकार के भी रह सकता है। व्यापार करने के लिये और ऐसे लोगों को देश में अस्थाई तौर पर रहने का प्रावधान भी किया जा सकता है। किन्तु पहले उन लोगों का ईलाज जरूरी है जो ज्यादा गंभीर हैं और ज्यादा गंभीर हैं पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान के गैर मुस्लिम शरणार्थी! जो काम कांग्रेस को अपने वक्त पर कर देना चाहिये था वो अगर बीजेपी कर रही है तो उसे अपनी कमजोरी छिपाने के लिये ये हंगामा भी जरूरी हो जाता है। सन् 1950 में नेहरू-लियाकत समझौता केवल भारत ने निभाया और पाक ने सदा उल्लंघन किया अब पकिस्तान को इस पर बोलना हास्यास्पद है।

     विपक्ष व उसके कुछ सहयोगी दल के सदस्यों ने एक बार फिर धर्म को लेकर देश में खाईं बनाने का कार्य किया है और पाक के सुर में सुर मिला रहे हैं। देश में प्रतिष्ठित एक कौम को फिर से बरगलाने का कार्य किया है। सत्ता पक्ष द्वारा अनुच्छेद 370 में संशोधन के बाद नागरिकता बिल में संशोधन देशहित के लिये मील का पत्थर साबित होगा। यही मजबूती सत्ता दल को पुनः सत्ता में वापसी का आमंत्रण दे रही है और विपक्ष अपना अस्तित्व बचाने के लिये देशहित को ताक पर रखते हुए हंगामा बरपा रही है।

    कांग्रेस के संसदीय दल के नेता अनुच्छेद 370 के संशोधन के वक्त हताशा में अपनी अज्ञानता जाहिर करते हुए जे&क को भी पीओके की तरह माना था कि इसमें भी अंतरराष्ट्रीय विवाद है इसके लिये सोनिया जी की फटकार के बाद उन्हें माफी भी माँगनी पड़ी थी, इसी तरह लोकसभा में नागरिकता बिल-2019 पेश होने पर भी उन्होंने विपक्ष के नेता की भूमिका निभाई और संविधान के अनुच्छेद -14 ( समानता के अधिकार ) का हवाला दिया। भारतीय संविधान भारत व भारत के नागरिकों के लिये है। अनुच्छेद-14 का नागरिकता देने से लेकर यहाँ कोई लय नहीं है। नागरिकता संघ सूची का हिस्सा है अतः अनुच्छेद -14 काअलाप रागना यहाँ कतई तार्किक नहीं है।

    संविधान संसद को संशोधन का अधिकार देता है और संसद नागरिकता बिल को लेकर उसी की तहत अपना कार्य कर रही है।

    कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर ने कहा कि राष्ट्रीयता धर्म के आधार पर तय नहीं होनी चाहिये। ऐसा कहकर वो धर्म को पुनः बीच में लेकर आ गये अगर धर्म की ही बात होती तो हिंदू के अलावा अन्य पाँच धर्मों को राष्ट्रीयता प्रदान करने का बिल में प्रावधान न होता। यहाँ बीजेपी धर्म को लेकर नहीं बल्कि न्याय को लेकर नागरिकता निर्धारित करने पर बल दे रही है।

    कांग्रेस के ही दिग्गज नेता मनीष तिवारी ने भी विरोध जताया और नागरिकता बिल को भारतीय परंपरा के खिलाफ वाला बताया। यह बिल विश्व की शायद ही किसी परंपरा के खिलाफ हो बस नजरिया बदलने की जरूरत है। यह बिल पहले गंभीरतम शरणार्थियों से कम गंभीर शरणार्थियों की ओर विचार कर रहा है यह धर्म से परे न्यायिक प्रक्रिया पर आधारित है। 

    Keep Reading

    यूपी में श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर तय हुई दरें

    This very land gave us a hero like Abdul Hamid, and now a grand memorial for Maharaja Suheldev is being built: CM Yogi.

    युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करना ही नए उत्तर प्रदेश के विकास का संकल्प: सीएम योगी

    Big revelation in Tiger Shroff firing case: Superstar Aamir Khan was the target of Lawrence Bishnoi gang, his house was reconnoitered three times.

    टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर थे सुपरस्टार आमिर खान, घर की हुई थी तीन बार रेकी

    A spirit has come to fulfill his girlfriend's unfulfilled dream? A viral video shows a ghost bathing and changing clothes with her lover!

    प्रेमिका का अधूरा सपना पूरा करने आई आत्मा? वायरल वीडियो में प्रेमी के साथ नहाते और कपड़े बदलते दिखा भूत!

    The arrogance of the leader 'close to the MLA' was shown in front of the paddy harvesting machine, video goes viral on social media!

    ‘विधायक जी के करीबी’ नेता जी की धान काटने वाली मशीन के आगे निकली हेकड़ी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल!

    Akhilesh Yadav's press conference, on BSP-BJP leaders joining the party, said - 'East and West have been shaken'

    अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बसपा-भाजपा नेताओं के पार्टी में शामिल होने पर बोले- ‘पूरब और पश्चिम हिल गया है’

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Anuradha Paudwal: Reached great heights, yet also endured the pain of profound loneliness.

    अनुराधा पौडवाल : बुलंदियों को भी छुआ और गहरे अकेलेपन का दर्द भी झेला

    October 28, 2026

    यूपी में श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर तय हुई दरें

    October 28, 2026
    Neeru Sharma Explores Parenting, Social Conditioning and Unspoken Wounds as the Trailer of Sonali Kulkarni’s ‘Like Maa’ Is Released

    माँ की परवरिश में छिपे बचपन के जख्मों की कहानी कहेगी ‘लाइक माँ’

    October 28, 2026
    U&i launches new gadgets: now listen to music and make calls for up to 50 hours—all through your glasses.

    U&i के नए गैजेट्स लॉन्च, अब चश्मे से सुनें म्यूजिक और 50 घंटे तक करें कॉलिंग

    October 28, 2026
    From Ravana on Screen to a Power Player Behind the Scenes! Yash Makes a Big Move in ‘Ramayana’ Distribution

    पर्दे पर रावण, पर्दे के पीछे पावरफुल खिलाड़ी ! ‘रामायण’ के डिस्ट्रीब्यूशन में यश की बड़ी एंट्री

    October 27, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading