लखनऊ, 18 अक्टूबर 2019: भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ), कार्यक्रम इस बार नवम्बर में होने जा रहा है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों और विभागों व विज्ञान भारती (विभाग) के संयुक्त आयोजन में होने वाला है। इस वर्ष यह कार्यक्रम पांच से आठ नवम्बर को कोलकाता में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम आरम्भ 2015 में हुआ था और इस बार यह पांचवां संस्करण है।
आईआईएसएफ भारत और दुनिया के दूसरे देशों के विद्यार्थियों, नवाचारी, शिल्प्कारों, किसानों, वैज्ञानिकों तथा तकनीकविदों का एक अनोखा समागम है। जिसमें ये सभी भारत की वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति को दुनिया के सामने रख सकते है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष के महोत्सव का मुख्य विषय ’राइजेन इंडिया’ अर्थात राष्ट्र को सशक्त बनाता अनुसंधान, नवाचार और विज्ञान रखा गया है। यह कार्यक्रम युवाओं के मन में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा पैदा करने और विज्ञान लोकप्रियकरण के भागीदारों की नेटवर्किंग को मजबूत करने का भी यह एक प्रयत्न है।
12 हजार लोगों के आने का अनुमान:
आईआईएसएफ 2019 में भारत और दुनिया से तकरीबन 12 हजार लोगों के आने की उम्मीद है। यह आयोजन मुख्य रूप से कोलकाता के विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर और साइंस सिटी में होने जा रहा है। महोत्सव के दौरान इससे सम्बंधित कुछ कार्यक्रम कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और इंडियन इंस्टिट्यूट आफ केमिकल बायलॉजी में भी आयोजित किए जाएंगे।
14 वैज्ञानिक करेंगे शिरकत:
संस्थान के निदेशक, डॉ. अब्दुल समद ने जानकारी दी कि इस वर्ष सीमैप के 14 वैज्ञानिक एवं शोध छात्र, आईआईएसएफ 2019 में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस ज्ञान के महाकुम्भ में सीमैप द्वारा मुख्यतः कृषि, स्वास्थ्य अनुसंधान, युवा वैज्ञानिक तथा आउटरीच से जुड़े सम्मेलनों में भाग लिया जायेगा।
अपने उत्पादों का कर सकेंगे प्रदर्शन:
मीडिया प्रभारी, ई. मनोज सेमवाल ने यह भी बताया कि इस दौरान सीमैप अपने विभिन्न उत्पादों, प्रकाशनों तथा विभिन्न तकनीक को भी प्रदर्शित करेगा। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रदीप्तो मुखोपाध्याय ने सीमैप द्वारा आम जन-मानस में विज्ञान महोत्सव का प्रचार एवं प्रसार के योगदानों को बताया, जिसमें मुख्यतः दो दिवसीय सम्मेलन जो कि आईआईटीआर में 15 एवं 16 अक्तूबर 2019 को किया गया था तथा सीमैप में विभिन्न स्कूलों के बच्चों का भ्रमण भी सम्मिलित है। डॉ. एस. के. तिवारी, अध्यक्ष, विज्ञान भारती, अवध प्रांत, ने कहा कि आईआईएसएफ को एक मेले की तरह आयोजित किया जा रहा है इस वर्ष कार्यक्रम में लगभग 28 गतिविधियां होंगी और विज्ञान की विधाएं इसके द्वारा आम जन-मानस तक पहुंचेंगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य मक़सद वैज्ञानिकों, छात्रों एवं नीति निर्धारकों को ऐसा माध्यम उपलब्ध कराना है जिससे कि भारत को एक सशक्त राज्य बनाया जा सके।
दो हजार से अधिक छात्र होंगे शामिल :
श्रेयांश मंडलोई, प्रांत संगठन मंत्री, विज्ञान भारती ने बताया कि आईआईएसएफ 2019 मे छात्र विज्ञान ग्राम कार्यक्रम के तहत देश भर से लगभग 2500 स्कूली विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। यह विद्यार्थी सांसदों के सांसदीय क्षेत्रों के किसी गोद लिए गांव से आएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश से लगभग 30 विभिन्न संगठनों से लगभग 500 प्रतिभागी कोलकाता में आईआईएसएफ 2019 में भाग लेंगे






