किसी शिक्षक का वास्तविक आकलन उसके शैक्षणिक संवाद व व्याख्यान से ही हो सकता है। ऐसे शिक्षकों की प्राथमिकता में उनके क्लास रूम होते है। इसके अलावा अनेक समारोहों में उनके व्याख्यान भी समाज को जागृत करने वाले होते है। इस प्रकार के व्याख्यानों को डिजिटल स्वरूप में सार्वजिक करने का प्रकल्प विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने शुरू किया है। इसपर कब अमल सुनिश्चित होगा,यह भविष्य में पता चलेगा। लेकिन लखनऊ के कुमारस्वामी फाउंडेशन ने इस दिशा में कारगर कदम बढ़ा दिए है।
फाउंडेशन के सचिव विद्यांत हिन्दू पीजी कॉलेज में राजनीति शास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ बिजेंद्र पांडेय ने बताया कि सम्यक वाक श्रृंखला का शुभारंभ कर दिया गया है। इसमें समाज,राजनीति और अर्थनीति के वैश्विक तथा भारतीय संदर्भ समाहित है। इसके अलावा भारतीय और पाश्चात्य राजनीतिक सिद्धान्तों,संस्थाओं तथा विचारों के व्यापक अध्ययन की भावभूमि भी है।
इस श्रृंखला के अन्तर्गत फ़ाउण्डेशन के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर आर.के. मिश्र के विचारों पर आधारित लगभग सौ से अधिक यू ट्यूब वीडिओ मोड्यूल फ़ाउण्डेशन के चैनल और वेबसाइट के माध्यम से अगले तीन से पाँच वर्षों की अवधि में प्रकाशित किए जाएंगे।
इस अवसर पर प्रकल्प का आमुख जारी किया गया। सभी तकनीकी साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गयी है। पहले एपिसोड की रिकार्डिंग भी कर ली गयी है। जिसका प्रकाशन जल्दी कर दिया जाएगा। फाउंडेशन ने तकनीकी कुशलता के माध्यम से लगभग शून्य बजट में इस प्रकल्प को पूर्ण करने का बीड़ा उठाया है।
- डॉ दिलीप अग्निहोत्री






