मुंबई : महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शुक्रवार को एक परिवारिक विवाद दुखद त्रासदी में बदल गया। 19 वर्षीय कुणाल चंदगुड़े नए मोबाइल फोन की मांग को लेकर माता-पिता से बहस के बाद तिसगांव की खावड्या पहाड़ी पर चढ़ गए। तीन घंटे की समझाने के बावजूद घटना ने पूरा परिवार छीन लिया।
क्या है घटना जानना जरुरी
कुणाल सुबह करीब 10 बजे पहाड़ी पर पहुंच गए। उनके पिता मुरलीधर (48) और मां संगीता भी वहां पहुंचे। पुलिस, दमकल कर्मी और स्थानीय ग्रामीण करीब तीन घंटे तक उन्हें नीचे आने के लिए मनाते रहे। दमकल टीम ने सुरक्षा जाल भी लगाने की कोशिश की, लेकिन कुणाल किनारे पर अपनी जगह बदलते रहे।
दोपहर करीब एक बजे मुरलीधर बेटे को शांत करने और खींचने के लिए आगे बढ़े। कुणाल के छलांग लगाने पर दोनों संतुलन खोकर खाई में गिर गए। पति और बेटे को गिरते देख संगीता ने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार जल्टा फाटा इलाके का रहने वाला था। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद लोग स्तब्ध हैं। कुछ ने युवाओं में बढ़ती जिद और पारिवारिक संवाद की कमी पर सवाल उठाए।
वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/AnuragChaddha/status/2090804354832024024/video/1
विशेषज्ञ की राय
मनोवैज्ञानिक डॉ. अनिल शर्मा कहते हैं, “किशोरों में मोबाइल या भौतिक चीजों की जिद अक्सर भावनात्मक अस्थिरता और दबाव का संकेत होती है। परिवारों को संवाद और समझ के रास्ते अपनाने चाहिए। ऐसी घटनाएं याद दिलाती हैं कि छोटी-छोटी मांगों को लेकर टकराव कितना भारी पड़ सकता है।”






