2,600 ग्रहों की खोज में मददगार साबित हुई दूरबीन केप्लर रिटायरमेन्ट के कगार पर

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साभार: गूगल
  • 2,600 ग्रहों की खोज में मददगार साबित हुई दूरबीन केप्लर, केप्लर दूरबीन में ईंधन खत्म होने की कगार पर
  • करीब दो सप्ताह पहले ही मिले थे ईंधन खत्म होने के संकेत, 2009 में स्थापित इस दूरबीन ने अरबों छुपे हुए ग्रहों से हमें अवगत कराया और ब्रह्माण्ड की हमारी समझ को बनाया और बेहतर 

नई दिल्ली, 02 नवंबर 2018: नासा की केप्लर दूरबीन नौ साल बाद रिटायर होने जा रही है कारण इस दूरबीन का ईंधन ख़त्म होने वाला है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अधिकारियों ने मंगलवार को मीडिया से जानकारी शेयर करते हुए कहा कि 2,600 ग्रहों की खोज में मदद करने वाले केप्लर दूरबीन का ईंधन खत्म हो गया है इसलिए उसे रिटायर किया जा रहा है।

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फोटो: साभार गूगल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विशेषज्ञों का कहना है कि 2009 में स्थापित इस दूरबीन ने अरबों छुपे हुए ग्रहों से हमें अवगत कराया और ब्रह्माण्ड की हमारी समझ को बेहतर बनाया। नासा की ओर से जारी बयान के अनुसार, केप्लर ने दिखाया कि रात में आकाश में दिखने वाले 20 से 50 प्रतिशत तारों के सौरमंडल में पृवी के आकार के ग्रह हैं और वे अपने तारों के रहने योग्य क्षेत्र के भीतर स्थित हैं। इसका मतलब है कि वे अपने तारों से इतनी दूरी पर स्थित हैं, जहां इन ग्रहों पर जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण पानी के होने की संभावना है।

नासा के एस्ट्रोफिजिक्स विभाग के निदेशक पॉल हट्र्ज का कहना है कि केप्लर का जाना कोई अनपेक्षित नहीं था। केप्लर का ईंधन खत्म होने के संकेत करीब दो सप्ताह पहले ही मिले थे। उसका ईंधन पूरी तरह से खत्म होने से पहले ही वैज्ञानिक उसके पास मौजूद सारा डेटा एकत्र करने में सफल रहे। नासा का कहना है कि फिलहाल केप्लर धरती से दूर सुरक्षित कक्षा में है।

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