भारत ने अपने सभी नागरिकों को तेहरान और इज़राइल से निकलने की दी सलाह
नई दिल्ली, 21 जून 2025: ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष नौवें दिन भी जारी है, जिसने मध्य पूर्व में तनाव को खतरनाक स्तर तक बढ़ा दिया है। इज़राइल ने ऑपरेशन “राइज़िंग लायन” के तहत ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों, जैसे नतांज़, फोर्डो, और अराक, पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान की मिसाइल क्षमता और सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। जवाब में, ईरान ने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस III” के तहत इज़राइल पर 400 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन हमले किए, जिनमें तेल अवीव, यरुशलम, और बीर शेवा के सोरोका अस्पताल जैसे नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इज़राइल में 24 लोगों की मौत और 804 के घायल होने की खबर है, जबकि ईरान में 585 लोगों की जान गई और 1,326 घायल हुए हैं।
यह युद्ध दुनिया को तबाही की ओर ले जा सकता है : तुर्की के राष्ट्रपति
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगान ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तुलना हिटलर से करते हुए कहा कि उनकी आक्रामक नीतियां क्षेत्र को “खून, आंसुओं और अस्थिरता” में डुबो रही हैं। एर्दोगान ने इसे “अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन” करार दिया और चेतावनी दी कि यह रुख दुनिया को तबाही की ओर ले जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने मध्य पूर्व में लड़ाकू विमान और युद्धपोत तैनात किए हैं, जिससे आशंका बढ़ रही है कि वह संघर्ष में सीधे शामिल हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के लोगों को शहर खाली करने की चेतावनी दी है, जबकि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने आत्मसमर्पण से इनकार करते हुए कहा कि अमेरिकी हस्तक्षेप का “बुरा अंजाम” होगा। रूस ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है कि उसकी दखलअंदाजी स्थिति को और बिगाड़ सकती है।
इधर भारत ने अपने सभी नागरिकों को तेहरान और इज़राइल से निकलने की सलाह दी है, और भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन जारी की हैं। कई देश, जैसे जापान, चीन, और पोलैंड, अपने नागरिकों को निकाल रहे हैं। जी-7 देशों ने शांति की अपील की है, लेकिन संघर्षविराम की कोशिशें नाकाम रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष पूर्ण युद्ध में बदल सकता है।






