उपभोक्ता परिषद का साप्ताहिक वेबीनार: उपभोक्ताओं ने कहा बिना आईटी पार्ट क्लीयरेंस के पूर्वांचल में लगा दिए गए 1 लाख से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटर उसकी कंज्यूमर इंडेक्सिंग तक नहीं इसकी कौन करेगा जांच जल्दबाजी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के पीछे किसका दबाव?
लखनऊ, 28 सितम्बर 2024 : उपभोक्ता परिषद की तरफ से प्रत्येक शनिवार को चलाई जाने वाले साप्ताहिक वेबीनार में उपभोक्ताओं ने प्रदेश में लग रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटर मामले पर कहा सबसे पहले बिजली निगमो को आईटी पार्ट क्लीयरेंस की रिपोर्ट सहित जो भी जांच स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर प्राइमरी स्तर पर पावर कॉरपोरेशन आईटी बिंग द्वारा अथवा बिजली निगमो द्वारा किया गया है, उसे सार्वजनिक किया जाए और साथ ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के पहले प्रदेश में स्मार्ट सिस्टम भी किया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने कहा था कि सबसे पहले स्मार्ट प्रीपेड मीटर सरकारी कार्यालय में और विभागीय कार्मिकों के घर में लगेंगे लेकिन उसका तो आता-पता नहीं लेकिन प्रदेश के आम उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगना शुरू हो गया उन्होंने कहा कि आज भी कोई भी मीटर पावर कारपोरेशन के आरएमएस सर्वर से पूरी तरह ऑटोमेटिक तरीके से स्वचालित भी नहीं है। प्रदेश के जुडे उपभोक्ताओं ने या मुद्दा भी उठाया कि उत्तर प्रदेश में कुछ कंपनियों के स्मार्ट प्रीपेड मीटर गोवा में ब्लैक लिस्टेड है उसकी भी रिपोर्ट मंगा कर आम जनता को बताया जाना चाहिए कि उसका क्या कारण है क्योंकि या मी रूपी तराजू अंततः प्रदेश की विद्युत उपभोक्ताओं के घरों पर लगेगा उन्हें इसकी विश्वसनीयता और गुणवत्ता के बारे में जानकारी प्राप्त करना उनका अधिकार है।
इस मसले पर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने वेबीनार में जुडे सभी विद्युत उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी देते हुए कहा यह मामला विद्युत नियामक आयोग के सामने उपभोक्ता परिषद की तरफ से रखा गया है उसे पर विद्युत नियामक आयोग ने पावर कॉरपोरेशन से रिपोर्ट तलब की है जो अभी तक विचाराधीन है इसके अलावा अन्य जो भी आप सभी उपभोक्ताओं की मांग आज वेबीनार में आ रही है उसे भी प्रबंधन व सरकार के सामने उठाया जाएगा।
श्री वर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में पता चला है कि एक लाख से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा दिए गए और उसकी कंज्यूमर इंडेक्सिंग तक नहीं की गई इसका जवाब कौन देगा। वेबीनार में जुडे उपभोक्ता विनोद कुमार गुप्ता, हरेंद्र कुमार, पुष्पांत पाठक, सुशील कुमार राय, संदीप कुमार, अभिषेक सिंह, ध्रुव कुमार सहित अन्य विद्युत उपभोक्ताओं ने यह मुद्दा भी उठाया की बिजली कंपनियों में उपभोक्ताओं की समस्याओं का फर्जी निस्तारण किया जाता है आईजीआरएस की तरह बिजली निगम में भी उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान पर जरूरी प्रपत्र हस्ताक्षर रूप से आख्या के रूप में उपभोक्ताओं की भी भेजी जाए जिस प्रकार से आइजीआरएस की शिकायतों में निस्तारण की रिपोर्ट संलग्न की जाती है जिस पर उपभोक्ता परिषद ने कहा यह मामला प्रबंधन के सामने रखा जाएगा और 1912 पर ओटीपी व्यवस्था लागू करने की पुनः मांग उठाई जाएगी ।







