मांझी ने खुद मंत्री बनने से कर दिया था इनकार
एनडीए सरकार में जगह न मिलने से ‘हम पार्टी ‘ के जीतन राम मांझी और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के उपेंद्र कुशवाहा खफा हैं। जहां वह बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं दरअसल, मांझी ने खुद मंत्री बनने से इनकार कर दिया था, लेकिन अपने एक नेता को कैबिनेट में शामिल किए जाने की सिफ़ारिश की थी।
गौरतलब है कि बिहार में छठी बार मुख्यमंत्री पद संभालने वाले नीतीश कुमार ने शनिवार को मंत्रिमंडल विस्तार करते हुए विभागों का बंटवारा कर दिया। उपमुख्यमंत्री बने सुशील कुमार मोदी को वित्त, वाणिज्य कर और वन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि विजेंद्र प्रसाद यादव को एक बार फिर ऊर्जा विभाग का दायित्व सौंपा गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व में विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता प्रेम कुमार को कृषि विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नीतीश मंत्रिमंडल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कोटे से 11, जनता दल (यूनाइटेड) से 14 और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) से एक विधायक और विधान पार्षद को जगह दी गई है।
नीतीश के करीबी माने जाने वाले राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह को एक बार फिर जल संसाधन योजना विकास का दायित्व सौंपा गया है, जबकि भाजपा नेता नंद किशोर यादव को पथ निर्माण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। श्रवण कुमार को ग्रामीण विकास, संसदीय कार्य विभाग, रामनारायण मंडल को राजस्व और भूमि सुधार, जय कुमार सिंह को उद्योग, विज्ञान प्रौद्यौगिकी तथा प्रमोद कुमार को पर्यटन विभाग का जिम्मा दिया गया है।







