काजल गुप्ता का नाम सुनकर अगर आप सोच रहे हैं कि ये कोई साधारण कहानी है, तो रुकिए। ये वो महिला हैं जिन्होंने शादी के 10 साल बाद, दो छोटे बच्चों की मां बनने के बावजूद अपना सपना पूरा किया। लखनऊ में ससुरालवालों से छिपकर पढ़ाई की, CA की परीक्षा में 5 बार फेल हुईं, लेकिन कभी हार नहीं मानी। आखिरकार, वो CA बन गईं। ये कहानी सिर्फ एक डिग्री की नहीं, बल्कि अटूट इच्छाशक्ति और सच्ची मेहनत की है।
मेरा करियर बनाने के लिए मेरे पति ने वर्क फ्रॉम होम लिया और बच्चों को संभाला। यह उनका बड़ा योगदान है, जिसके बिना CA की तैयारी नामुमकिन थी। – काजल
लखनऊ की काजल गुप्ता ने दो नन्हे बच्चों की मां होने के बावजूद, अपने पति के अटूट सहयोग से 5वें प्रयास में ICAI CA एग्जाम क्लियर किया
उनकी चुनौतियों का सफर:शुरुआत:
शादी के बाद घर-परिवार की जिम्मेदारियां। दो बच्चों की परवरिश करते हुए पढ़ाई का समय निकालना आसान नहीं था।
गुप्त पढ़ाई: ससुराल में किसी को पता न चले, इसलिए चुपके-चुपके किताबें पढ़ीं। रातें जागकर, बच्चों को सुलाकर।
5 असफलताएं: हर फेलियर ने दरवाजा बंद किया, लेकिन काजल ने नए रास्ते ढूंढे। “फेल होना तो बस एक स्टेप है, लेकिन हार मानना जीवन का अंत,” जैसा उन्होंने शायद सोचा होगा।
सफलता: दृढ़ संकल्प से वो पास हुईं। आज वो न सिर्फ CA हैं, बल्कि लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत।
एक यूजर ने बिल्कुल सही कहा: “सच्ची नियत वाली मेहनत को कोई रोक नहीं सकता।” काजल की कहानी यही साबित करती है। अगर आप भी कोई सपना पूरा करने की जद्दोजहद में हैं, तो याद रखिए – समय लगेगा, रुकावटें आएंगी, लेकिन आपकी मेहनत का फल जरूर मिलेगा।