नई दिल्ली, 10 जनवरी। अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु विधानसभा के उपाध्यक्ष वी जयरमण ने कहा कि दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता को राज्य में कन्या भ्रूण-हत्या की रोकथाम के लिए किए गए प्रयासों के लिए नोबल पुरस्कार के लिए नामित किया जाना चाहिए। वह तमिलनाडु में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में हिस्सा ले रहे थे।
अन्नाद्रमुक की पूर्व प्रमुख द्वारा सन 1992 में बतौर मुख्यमंत्री शुरू की गयी ‘क्रैडल बेबी योजना’ का जिक्र करते हुए जयरमण ने कहा कि इस पहल की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता दिवंगत मदर टेरेसा ने भी प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा कि यह योजना शुरू में सलेम में शुरू की गयी थी।
बाद में चरणबद्ध तरीके से इसे पूरे राज्य में ले जाया गया, जिसके फलस्वरुप लिंगानुपात बेहतर हुआ। बतौर मुख्यमंत्री (1991-96) जयललिता के पहले कार्यकाल में शुरू की गई, इस योजना में महिलाओं को अपने नवजात शिशु को गोपनीय ढंग से सरकार को सौंपने की इजाजत थी। सरकार शिशु की देखभाल करती थी। यह कन्या भ्रूणहत्या रोकने के लिए शुरू की गयी थी जो तब तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में काफी प्रचलित थी।







