नई दिल्ली : बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने हाल ही में लिव-इन रिलेशनशिप पर एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसने सोशल मीडिया और खबरों में हलचल मचा दी है। एक इंटरव्यू में कंगना ने कहा कि भारतीय समाज में शादी एक महत्वपूर्ण संस्था है, जो महिलाओं को सामाजिक, मानसिक और कानूनी सुरक्षा प्रदान करती है।
उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप को महिलाओं के लिए “अनफ्रेंडली” और असुरक्षित बताया। कंगना ने तर्क दिया कि शादी में पुरुष अपनी पत्नी के प्रति वफादारी का वादा करता है, जबकि लिव-इन रिलेशनशिप में ऐसी सुरक्षा नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि लिव-इन में महिलाओं को गर्भावस्था जैसी स्थिति में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि पुरुष “शिकारी” प्रवृत्ति के हो सकते हैं और जिम्मेदारी से भाग सकते हैं।
इस बयान का जिक्र करते हुए कंगना ने आध्यात्मिक गुरु अनिरुद्धाचार्य के एक बयान का भी समर्थन किया, जिसे अभिनेत्री दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी ने आलोचना की थी। कंगना ने कहा कि संतों और महात्माओं की बातों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है, जहां कुछ लोग उनकी राय से सहमत हैं, तो कुछ इसे महिलाओं की स्वतंत्रता पर सवाल उठाने वाला मान रहे हैं।







