बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान Learjet 45 दुर्घटनाग्रस्त, विमान में सवार सभी 5 लोग नहीं बचे; राज्य में शोक की लहर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह व अन्य राजनितिक दलों ने दी विशेष श्रद्धांजलि
नई दिल्ली/बारामती : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजीत पवार की आज सुबह एक भयानक विमान दुर्घटना में मौत हो गई। यह हादसा पुणे जिले के बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुआ, जहां उनका चार्टर्ड Learjet 45 (रजिस्ट्रेशन VT-SSK) क्रैश-लैंडिंग के बाद फिसल गया और आग की लपटों में घिर गया। विमान में सवार सभी 5 लोग अजीत पवार सहित मौके पर ही मारे गए। कोई भी यात्री बच नहीं पाया।
विमान VSR Ventures कंपनी का था, जो मुंबई से बारामती जा रहा था। अजीत पवार जिला परिषद चुनावों के लिए चार जनसभाओं को संबोधित करने जा रहे थे। DGCA और सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के अनुसार, हादसा सुबह करीब 8:45 बजे हुआ, जब विमान दूसरी लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। शुरुआती रिपोर्ट्स में खराब विजिबिलिटी और रनवे से फिसलने का जिक्र है। Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने जांच शुरू कर दी है, और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है।

विमान में अजीत पवार के अलावा कौन-कौन थे:
- कैप्टन सुमित कपूर (पायलट)
- शांभवी पाठक (को-पायलट/फ्लाइट अटेंडेंट)
- विदित जाधव (एनसीपी नेता/सहयोगी)
- पिंकी माली (स्टाफ/सहयोगी)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की विशेष श्रद्धांजलि:
अजीत पवार के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भावुक संदेश (X पर पोस्ट):
“श्री अजीत पवार जी जनतेशी घट्ट नाते असलेले, तळागाळाशी मजबूत नाळ असलेले लोकनेते होते। महाराष्ट्रातील जनतेच्या सेवेत सदैव अग्रभागी राहणारे एक मेहनती व्यक्तिमत्त्व म्हणून त्यांना व्यापक आदर होता। प्रशासकीय बाबींची त्यांना सखोल जाण होती। गरीब आणि वंचितांच्या सक्षमीकरणासाठीची त्यांची तळमळ विशेष उल्लेखनीय होती। त्यांचे अकाली निधन अत्यंत धक्कादायक व दुःखद आहे। त्यांच्या कुटुंबीयांप्रती आणि असंख्य चाहत्यांप्रती मनःपूर्वक शोकसंवेदना। ॐ शांती।”
( हिंदी रूपांतर – श्री अजित पवार एक ऐसे जननेता थे जिनका लोगों से और ज़मीनी स्तर से गहरा जुड़ाव था। उन्हें एक मेहनती इंसान के तौर पर बहुत इज्ज़त दी जाती थी जो महाराष्ट्र के लोगों की सेवा में हमेशा सबसे आगे रहते थे। उन्हें एडमिनिस्ट्रेटिव मामलों की गहरी समझ थी। गरीबों और ज़रूरतमंदों को मज़बूत बनाने के लिए उनका जुनून खास तौर पर देखने लायक था। उनका अचानक चले जाना बहुत चौंकाने वाला और दुखद है। उनके परिवार और अनगिनत फैंस के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।” )
पीएम मोदी ने आगे कहा कि अजीत पवार ने महाराष्ट्र और देश के विकास में बड़ा योगदान दिया, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के उत्थान के लिए। उन्होंने इसे “असमय और गहरा सदमा” बताया और पीड़ित परिवारों के लिए प्रार्थना की।
अजित दादा का असमय निधन अपूरणीय क्षति… जनता के नेता थे, तळागाळ से मजबूत जुड़ाव” ( मजबूत जमीनी स्तर के संबंध) – पीएम मोदी; “NDA परिवार के साथ मेरी व्यक्तिगत हानि – अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह का संदेश (X पर पोस्ट):
“आज एक दुःखद हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NDA के हमारे वरिष्ठ साथी अजीत पवार जी को खो देने की सूचना से मन अत्यंत व्यथित है। अजीत पवार जी ने बीते साढ़े तीन दशकों में जिस प्रकार महाराष्ट्र के हर वर्ग के कल्याण के लिए खुद को समर्पित किया, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। वे जब भी मिलते थे, महाराष्ट्र की जनता के कल्याण संबंधी अनेक विषयों पर लंबी चर्चा करते थे। उनका निधन NDA परिवार के साथ ही मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मैं पवार परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। शोक की इस घड़ी में पूरा NDA शोक-संतप्त पवार परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ॐ शांति शांति शांति।”

अमित शाह ने मराठी में भी एक अलग पोस्ट शेयर कर भावनाओं को और गहराई से व्यक्त किया, जिसमें उन्होंने अजीत पवार को “एनडीए का ज्येष्ठ सहकारी” कहा और उनके समर्पण को याद किया।
राजनीतिक जगत में सदमा:
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे “अविश्वसनीय और अपूरणीय क्षति” बताया। उन्होंने आज (28 जनवरी) को राज्य में सरकारी अवकाश घोषित किया और तीन दिनों का राजकीय शोक मनाने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, ममता बनर्जी समेत तमाम नेताओं ने गहरा दुख जताया। शरद पवार और परिवार के सदस्य भी बारामती पहुंचे। अंतिम संस्कार कल (29 जनवरी) सुबह 11 बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ बारामती में होगा।
अजीत पवार, जिन्हें महाराष्ट्र में ‘दादा’ कहा जाता था, बारामती से 7 बार विधायक चुने गए। उन्होंने कई बार डिप्टी सीएम और वित्त, कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले। 2019 में चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत की, फिर 2023 में एनसीपी में बड़ा विभाजन कर BJP-शिंदे सरकार में शामिल हुए। उनकी मौत से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
फैंस और आमजन का कहना है- “एक मजबूत नेता चला गया, जो हमेशा जनता के बीच रहा।” ओम शांति।






