रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने में देरी, नहीं दिखेगी परेड में दिल्ली राज्य की झांकी
नई दिल्ली, 25 जनवरी। देशभर में गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार गणतंत्र दिवस पर आसियान देशों के प्रमुख कार्यक्रम में शामिल हो रहे है। इस ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस के मौके पर इस बार दिल्ली राज्य की झांकी परेड में शामिल नहीं होगी। 69वें गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में दिल्ली सरकार का कल्चरल झांकी नहीं दिखेगी। दिल्ली सरकार में आर्ट,कल्चर विभाग में डिप्टी सेकेट्ररी सिंधु मिश्रा के मुताबिक, इस बार रक्षा मंत्रालय को झांकी का प्रस्ताव भेजने में देरी हुई। जिसके कारण उनकी झांकी शामिल नहीं हो पाएगी। अखबार से बातचीत में उन्होंने इस बात से इनकार किया कि दिल्ली सरकार अपने एजुकेशन सिस्टम के मॉडल को परेड में शामिल करना चाहती थी।
हालांकि,दिल्ली सरकार के पूर्वमंत्री कपिल मिश्रा ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि केजरीवाल सरकार अपने एजुकेशन सिस्टम को हाइलाइट करना चाहती है, इसी कारण उनका प्रपोज़ल रद्द हुआ है। क्योंकि पिछली बार भी उन्होंने ऐसी ही झांकी पेश की थी, इसलिए झांकी रिपीट होने के कारण ऐसा हुआ है।
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गणतंत्र दिवस परेड में एकता की थीम पर आधारित राज्य की झांकी शामिल नहीं करने को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया। बंगाल के हर आस्था को साथ लेकर चलने के यकीन का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी धर्म के आधार पर लोगों को बांट रही है।
बता दें कि इस बार गणतंत्र दिवस की परेड कई मायनों में खास है। पहली बार परेड में निर्भय मिसाइल, ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल की तिकड़ी होगी। जबकि दूसरी तरफ सेना के टी-90 टैंक, बीएमपी और स्वाति रडार का भी प्रदर्शन होगा। परेड के सेकण्ड इन कमांड मेजर जनरल राजपाल पुनिया ने बताया इस बार खासतौर से आसियान देशों के प्रमुखों के सामने तीनों सेनाएं अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगी।







