नई दिल्ली, 12 दिसंबर : अगर आपने सोचा था कि इतिहास सिर्फ किताबों में होता है, तो इस बार दिल्ली उसे जीवित देखने जा रही है! 13 से 15 दिसंबर तक भारत मंडपम (प्रगति मैदान) में लगने वाला ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ ऐसा तिलिस्म खोलने जा रहा है कि देखते ही रह जाएंगे।
- पहली बार दिल्ली आएगी वो बंदूक जिसे 1857 के पहले स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे ने खुद चलाया था।
- साथ में मल्हारराव होलकर और क्रांतिसिंह नाना पाटिल की निजी बंदूकें भी।
- पानीपत के तीसरे युद्ध में गरजी हुई असली तोपें भी खड़ी होंगी आपके सामने।
- छत्रपति शिवाजी महाराज की खुद छुई हुई तलवार, ढाल और 1500 से ज्यादा दुर्लभ हथियारों का खजाना।
- बच्चे इन हथियारों को हाथ में लेकर फोटो खिंचवा सकेंगे, तोप का लाइव फायरिंग डेमो भी होगा!

लेकिन बस शस्त्र ही नहीं… दिल थाम लीजिए: 1000 साल से ज्यादा पुराने सोमनाथ मंदिर के मूल ज्योतिर्लिंग के टुकड़े, जिन्हें गजनी के हमले के बाद पुजारियों ने तमिलनाडु में छिपाया था – पहली बार सार्वजनिक दर्शन!
रामसेतु की वो जादुई ‘रामशिला’ जो पानी पर तैरती है – उसे छूकर देखिएगा, यकीन नहीं होगा!
तीन दिन, सुबह 10 से रात 8 बजे तक हॉल नंबर-12 पूरी तरह फ्री रहेगा।
बच्चों से लेकर बूढ़े तक – हर कोई टिकट नहीं।
लाइव देखना हो तो SanatanRashtraShankhnad.in पर भी चलेगा।
दिल्ली वाले तैयार हो जाइए… इतिहास खुद चलकर आपके सामने आने वाला है!







