- भाजपा से दोस्ती टूटी, टीएमसी से शुरु हुई चंदन मित्रा की मित्रता
- मोदी का ललाट छोड़कर ममता की सियासत में महकेगा चंदन
लखनऊ, 21 जुलाई 2018: भाजपा के सियासी गुलदस्ते से आज एक दिग्गज पत्रकार टूट गया। वरिष्ठ पत्रकार चंदन मित्रा ने भाजपा का दामन छोड़कर तृणमूल कांगेस ज्वाइन कर ली। पायनियर अखबार के मालिक और प्रधान संपादक चंदन मित्रा लम्बे समय से भाजपा से जुड़े थे। भाजपा ने उन्हें दो बार राज्य सभा भेजा। पिछले लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में चंदन मित्रा भाजपा के टिकट पर चुनाव भी लड़े, लेकिन मोदी की जबरदस्त लहर में भी वो हार गये थे।
जिसके बाद पार्टी में उन्हें कोई खास अहमियत नहीं मिल रही थी। दरअसल अटल बिहारी वाजपेयी वाजपेयी जी के समय में श्री मित्रा भाजपा में शामिल हुए थे, और ये लाल कृष्ण आडवाणी के खास कहे जाते थे। पुराने दौर के भाजपाइयों को मोदी युग में नजरअंदाज किया गया। बावजूद इसके इन्हें पिछले लोकसभा में टिकट मिल गया था। ये चुनाव हारने के बाद चंदन मित्रा को पार्टी ने हाशिये पर रख दिया था।
इस बीच पश्चिम बंगाल में जन्में दिग्गज पत्रकार और सियासतदा मित्रा कि तृणमूल कांग्रेस से मित्रता का गहरा सियासी मतलब निकाला जा रहा है।
इनके अखबार पायनियर के दिल्ली और लखनऊ के अलावा अन्य संस्करण भी हैं। पिछले कुछ वर्षों से पायनियर हिन्दी भी प्रकाशित हो रहा है। दो भाषाओं में निकलने वाले पायनियर के कई संस्करण ए बी सी यानी एक लाख के ऊपर के प्रसार के हैं। अखबार के मालिक का भाजपा विरोधी पार्टी में शामिल होने के बाद पायनियर डीएवीपी के रडार में आ सकता है। साथ ही भाजपापरस्त कहे जाने वाले पायनियर अब बदले हुए रूख में नजर देखा जा सकेगा।
-नवेद शिकोह







