कहीं हम खाने में पोषण के साथ ‘जहर’ तो नहीं खा रहें?

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बाराबंकी के छंदवल गाँव में चाईल्ड फ्रेंडली स्कूल में आयोजित सेमिनार में उपस्थित महिला किसानों को संबोधित करते वैज्ञानिक।
  • लगभग हर खाने-पीने वाली चीजों में कीटनाशकों का जोर
  • रगों-रगों में बह रहा जहरीला रसायन, पैदा कर रहा है कई तरह की विकृतियाँ
बाराबंकी, 09 जून 2019: फसलों को उगाने में रासायनिक खाद उर्वरक एवं कीटनाशकों के प्रयोग से पैदा हुए अनाज व सब्जी खाने से जहां स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है वहीं रसायन से पैदा अनाज नई पीढ़ी के बच्चों के मस्तिष्क को विकृत करता है। यह विचार फिक्की एवं फ्लो लखनऊ द्वारा बनीकोडर क्षेत्र के ग्राम छंदवल में स्थित चाइल्ड फ्रेन्डली स्कूल में आयोजित महिला किसानों की एक दिवसीय सेमिनार में ऑर्गेनिक इंडिया के वैज्ञानिक डॉ बीएन सिंह ने व्यक्त किये।
श्री सिंह ने कहा कि बच्चे अपने माता- पिता से झगड़ते हैं उनसे गाली गलौज करते हैं सम्मान का भाव कम हो रहा है इसके कारणों में एक कारण यह भी है कि ब्रेन में रसायन बढ़ रहा जो बात बात पर बच्चों को उत्तेजित कर उनका विवेक कमजोर करता है, यह रसायन कही और से नही हम जो खेती में प्रयोग करते है उसी से ब्रेन में इकट्ठा होता है। श्री सिंह ने जैविक खेती करने के गुरु महिला किसानों को बताया उन्होंने मट्ठा से कीट नाशक, फिनायल से नील गाय को भगाने जैसे तमाम फसलो की सुरक्षा के उपाय बताए।
वैज्ञानिक डॉ सिंह ने घटते भूजल को रोकने और जैविक खाद तैयार कर खेतो में डालने के लिए केचुओं का होना जरूरी बताया। फ़िक़्क़ी लखनऊ की चेयरपर्सन सुश्री माधुरी हलवासिया ने महिला किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि महिलाएं समूहगत खेती को बढ़ाये और जैविक व गोबर की खादों से पैदा हुई फसलो का उचित बाजार उपलब्ध कराने में फिक्की सहयोग करेगी। फ्लो लखनऊ की पदाधिकारी सुश्री ज्योत्सना हबीबुल्ला ने स्वयं सहायता समूह बनाकर खेती करने के लिए प्रेरित किया।
एहसास कि महासचिव डॉ शचि सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया और लखनऊ में मकानों की छत पर की जा रही जैविक खेती के बारे में बताया। शचि सिंह ने बताया कि अब ऑर्गेनिक सब्जी की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है, लोग स्वस्थ्य रहना चाहते हैं लोगों को रसायन से तैयार सब्जियों के नुकसान की जानकारी हो रही है अब समय आ गया है गाय पालन का, गोबर की खाद से अनाज व सब्जी पैदा करने का, इसमे किसानों को लग जाना चाहिए। कार्यक्रम में सुश्री रीता भसीन ने भी सम्बोधित किया।
इस कार्यक्रम मे छंदवल, निम्बहा, तुनिहा, ककरहा, धरौली, बैसंनपूर्वा आदि एक दर्जन गांवों से एक सैकड़ा महिला किसानों ने भाग लिया। सभी का स्वागत चाइल्ड फ्रेन्डली स्कूल के प्रबंधक रत्नेश कुमार ने किया। इस मौके पर चाइल्ड लाइन टीम के जिला समन्वयक राम करन यादव, सदस्य जियालाल, अनिल कुमार यादव, विपिन कुमार, जिला उप केंद्र के समन्यक अवधेश कुमार, राम कैलाश पूर्व प्रधान राम किशोर व स्कूल के शिक्षक वीरेंद्र कुमार सहित तमाम लोग व शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

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