लखनऊ 22 मई। केरल में निपाह वायरस से स्टाफ नर्स की मौत से राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश में शोक की लहर है संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने दुख प्रकट करते हुए सरकार से मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पीएससी एवम् जिला लेवल के अस्पताल पर इस तरह के मरीजों की देखभाल के लिए प्रॉपर तरीके से ग्लव्स, मास्क, कैप,एवं वैक्सीनेशन प्रॉपर तरीके से जो भी नर्सेज को मरीज के पास जाने से पहले आवश्यक बचाव के सामान हो अवश्य उपलब्ध कराया जाए। जिससे इस तरह की होने वाली मौत से नर्सेज ही नहीं जो भी पैरामेडिकल एवं डॉक्टर इसके संपर्क में आते हैं उन को बचाया जा सके मेरी सरकार से अपील है कि नर्सेज को उत्तर प्रदेश एवं समस्त भारतवर्ष में रिस्क अलाउंस जरूर दिया जाए।
इस मामले पर केजीएमयू की सीनियर माइक्रो बायोलोजी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर शीतल का कहना है कि यह वायरस ग्रुप फोर का वायरस है और बहुत तेजी से फैलता है इसकी चपेट में आने के बाद मृत्यु दर 40 से 60 फ़ीसदी तक मानी जाती है। उनका कगना है कि इस वायरस को साधारण प्रयोगशाला में भी जांच के दौरान नहीं पकड़ा जा सकता है। देखा गया है यह वायरस चमगादड़ मैं पाया जाता है। मल-मूत्र या सलाइवा के माध्यम से लोगों तक पहुंच जाता है और इससे संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है।







